गलवान घाटी संघर्ष : चीनी और भारतीय सेना सीमा पर तनाव कम करने पर सहमत

बीजिंग. चीन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की कि चीनी और भारतीय सेनाओं के बीच “लंबित मुद्दों” पर सहमति बन गई है और वे अपनी सीमाओं पर स्थिति को “शांत” करने के लिये आवश्यक कदम उठाने के लिये तैयार हैं। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से सोमवार को भारतीय सेना की 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और तिब्बत सैन्य जिला कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन के बीच करीब 11 घंटे तक बातचीत हुई थी। गलवान घाटी में पिछले हफ्ते हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैन्य कर्मियों के शहीद होने के बाद दोनों पक्षों में बढ़े तनाव के बीच यह बातचीत हुई। कमांडर स्तर की यह बैठक 22 जून को हुई और दोनों पक्षों ने इस दौरान अपना नजरिया साझा किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने यहां संवाददाताओं को बताया, “यह बैठक दर्शाती है कि दोनों पक्ष स्थिति को बातचीत और परामर्श के जरिये नियंत्रित व शांत करना चाहते हैं।” झाओ ने सोमवार को कहा, “बैठक में कमांडर स्तर की पहली बैठक के दौरान बनी सहमति के आधार पर, दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों पर स्पष्ट और गहन विचार-विमर्श किया और तनाव को कम करने के लिये आवश्यक उपायों पर सहमति जताई।” उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्र में शांति और स्थिरता बरकरार रखने के लिये बातचीत और मिलकर काम जारी रखने पर सहमत हैं।” भारतीय सेना द्वारा दोनों पक्षों के सैनिकों को हटाने पर सहमत होने की बात कहे जाने संबंधी सवाल पर प्रवक्ता ने कहा, “मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा विशिष्ट उपायों को लेकर चर्चा की जा रही है।

मेरे पास इस बारे में बताने के लिये और कोई जानकारी नहीं है।” पूर्वी लद्दाख में 15 जून को भारतीय सेना के साथ हुई हिंसक झड़प के दौरान चीन पक्ष की तरफ हताहत हुए लोगों से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन और भारत इस मामले को कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों से हल करने के लिये एक दूसरे से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जैसा कि आपने मीडिया में देखा, उदाहरण के लिये, कुछ लोगों ने कहा कि चीनी पक्ष के 40 लोगों की जान गई। मैं आपको विश्वास के साथ इतना बता सकता हूं कि यह गलत खबर है।”

यह पहला मौका है जब चीन ने हताहतों के बारे में कोई टिप्पणी की है। प्रवक्ता ने हालांकि इस बारे में और जानकारी नहीं दी। गलवान घाटी में 15 जून को भारतीय और चीनी सैनिकों में हुई झड़प के बाद से ही चीन लगातार अपने सैनिकों को हुए नुकसान की जानकारी का खुलासा करने से बचता रहा है, जबकि आधिकारिक चीनी मीडिया के संपादकीय में कहा गया कि चीनी सैनिक भी हताहत हुए हैं। भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में पेंगोंग सो (झील), गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी को लेकर गतिरोध है। काफी संख्या में चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे पेंगोंग सो समेत कई इलाकों में भारत की ओर घुस आए थे। भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों की इस हरकत का कड़ा विरोध किया और उनसे इलाके से तत्काल वापस जाने तथा क्षेत्र में शांति बहाल करने को कहा। सीमा विवाद को हल करने के लिये दोनों पक्षों में बीते कुछ दिनों में कई दौर की बातचीत हो चुकी है। (एजेंसी)