WUHAN
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    नयीदिल्ली. जहाँ चीन (China) से निकले एक घातक संक्रमण कोरोना वायरस (Corona Virus) ने लाखों जिंदगियों को ख़ाक कर दिया। वहीं दुनियाभर ने चीन पर यह सीधा आरोप लगाया कि चीन की वुहान लैब (Wuhan Lab) से ही कोरोना वायरस निकला है। जब ये पता करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक टीम भी भेजी थी, लेकिन अब उसने भी चीन को क्लीन चिट दे दी।

    चीन था चमगादड़ों को पकड़ने में मसरूफ:

    हालाँकि WHO के क्लीन चिट देने के बाद भी अब ऐसे सबूत मिल रहे हैं कि खतरनाक कोरोना वायरस वुहान के ही लैब से निकला है। वहीं एक रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि चीन में कोरोना का पहला मामला मिलने से ठीक एक साल पहले ही चमगादड़ों को पकड़ने में मसरूफ था। अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि जब चमगादड़ों से कोई भी खतरा नहीं तो चीन उन्हें एक साल पहले से क्यों पकड़ रहा था?

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    वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चीन की वुहान लैब 11 महीने पहले ही चमगादड़ों को रखने के पिंजड़ों का जरुरी पेटेंट भी हासिल कर चुकी थी। बता दें कि इस लैब ने 2018 में ही पिंजड़ों का पेटेंट हासिल करने के लिए अपना आवेदन कर दिया था।

    खाना खिलाने से फैला इंसानों में कोरोना:

    वहीं कुछ खूफिया सूत्रों की मानें तो वुहान की यह चीनी लैब चमगादड़ों को पकड़ती थी और गुफाओं से लाकर इन्हें पिंजड़ों में रखती थी साथ उनको वहाँ खाना भी खिलाया जाता था और यही नहीं उनके प्रजनन पर भी काम किया जाता था। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस लैब में चमगादड़ को कृत्रिम तरीके से विभिन्न वायरस से संक्रमित किया जाता था। ऐसे में अब यह शक है कि इन्हीं चमगादड़ों को खाना खिलाने के दौरान ही इंसानों में कोरोना फैला।