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    वेश्यावृत्ति (Prostitution) आज से नहीं राजा महाराजाओं के समय से चला आ रहा है। उसके बाद इसका विस्तार हुआ। लेकिन इस काम को समाज में मान्यता नहीं दी गई। समाज में इसे हमेशा से हीन भाव से देखा गया है। भारत (India) समेत कई देशों में वेश्यावृत्ति बैन की गई है। लेकिन वेश्यावृत्ति को  दुनिया भर में 100 देशों में से करीब 49 देश है जहां वेश्यावृत्ति को मान्यता मिली है। अभी भी 12 देशों में यह कुछ शर्तों के साथ इन्हे मान्यता दी गई। लेकिन फ्रांस (France) की संसद में इसे वेश्यावृत्ति को रोजगार में नहीं रखा है वह  सेक्स के लिए पैसे देने को गैरकानूनी घोषित किया गया है। यूरोप (Eurpoe) में इस तरह के पांच देश है जहां वेश्यावृत्ति को बैन किया गया है। लेकिन दुनिया में ऐसे भी कई देश है जहां वेश्यावृत्ति को रोजगार में रखा गया है उनके संबंधित कानून बना है। इसे कानूनी हक देकर मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। ऐसे कई देश है ,आइये आपको बताते है जहां वेश्यावृत्ति को मान्यता दी गई है और इन्हें रोजगार में रखा जाता है।   

    बांग्लादेश

    भारत का हमारे पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में भी वेश्यावृत्ति को कानूनी मान्यता हासिल है। हालांकि, यहां नाबालिगों की तस्करी एक गंभीर समस्या है। लेकिन वेश्यालय चलाना या वेश्यावृत्ति करना यहां जायज माना जाता है।

    नीदरलैंड्स

    देह व्यापार में एम्सटर्डम का रेड लाइट एरिया दुनिया का सबसे मशहूर हिस्सा है। अन्य देशों से उलट यहां लोग छिप-छिपाकर रेड लाइट एरिया में नहीं जाते. शीशे की खिड़कियों के पीछे लाल रोशनी में यहां सेक्स वर्कर्स के थिरकते जिस्म को देखने यहां टूरिस्ट खास तौर से पहुंचते हैं।

    न्यूजीलैंड

    यहां साल 2003 में वेश्यावृत्ति‍ को कानूनी मान्यता दी गई।  इसके लिए बकायदा सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोजगार कानून के तहत वेश्यालयों को लाइसेंस जारी किया जाता है।  यानी सेक्स वर्कर्स को दूसरे कर्मचारियों की तरह ही रोजगार से संबंधित सामाजिक लाभ हासिल है।

    जर्मनी

    जर्मनी दुनिया के उन देशों में शुमार है, जहां वेश्यावृत्ति को सबसे पहले कानूनी अधिकार दिया गया। 1927 से ही यहां वेश्यालयों के लिए लाइसेंस की व्यवस्था की गई।  सेक्स वर्कर्स के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही इंश्योरेंस जैसी पहल भी की गई।  यहां यौनकर्मी अपनी कमाई का एक हिस्सा टैक्स के रूप में देते हैं, जबकि एक निश्चित समय के बाद उन्हें पेंशन भी दिया जाता है।

    बेल्जियम

    पश्चिमी यूरोप के इस देश ने वेश्यावृत्ति को लेकर तमाम वर्जनाएं तोड़ने की कोशिश की है. यहां वेश्यावृत्ति‍ के लिए लाइसेंस मिलता है. इस पेशे को कला के तौर पर लिया जाता है और तो और सुरक्षा के लिहाज से यहां वेश्यावृत्ति में फिंगरप्रिंट तकनीक और की-कार्ड्स जैसी भी व्यवस्था है।

    ऑस्ट्रेलियन कंगारुओं 

    देश में वेश्यावृत्ति को लेकर कानून राज्य दर राज्य अलग-अलग हैं।  कुछ इलाकों में इसे कानूनी मान्यता हासिल है, जबकि कुछ राज्यों में इसे गैरकानूनी माना गया है। यह भी वेश्यालय के लिए लाइसेंस की व्यवस्था है।

    आज समाज में कई जगह महिलाओं को नाबालिग बच्चियों  को जबरन वेश्यावृत्ति में डाला जाता है। ऐसे कई मामले सामने आये दिन आते रहते है। जहां महिलाएं ये काम मजबूरी में नहीं बल्कि जबरन कर रही है।