President of the UN General Assembly, Volkan Bozkir, postponed his visit to India due to Corona conditions
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संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) महासभा के नए अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर (Volkan Bozkır) ने बहुपक्षवाद को दुनिया की सभी समस्याओं का सर्वश्रेष्ठ समाधान बताया और कहा कि वैश्विक स्तर पर सामाजिक दूरी (Social Distancing) बनाने से कोई मदद नहीं मिलने वाली क्योंकि कोई भी देश कोविड-19 (Covid-19) से अकेले नहीं लड़ सकता है।

सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र के राजदूतों एवं प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बोजकिर ने कहा कि इस साल की शुरुआत से, जब से यह संकट शुरू हुआ है, बहुपक्षवाद के आलोचक और मुखर हो गए हैं। बोजकिर ने कहा, ‘‘महामारी के बहाने एकतरफा कदमों को सही ठहाराया जा रहा है और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को कमजोर किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों को धिक्कारा गया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर सवालिया निशान लगाए गए।”

मंगलवार से शुरू हुए महासभा के 75वें सत्र में उन्होंने कहा, ‘‘बीते छह महीने में, संयुक्त राष्ट्र के 75वें वर्ष के लिए हमारी जो योजनाएं थीं वे बदल गईं। आज, हमारे सामने कुछ अन्य तात्कालिक प्राथमिकताएं हैं। हमारे मास्क हमें उस बहुत बड़े खतरे की याद दिलाते हैं जिसका सामना हम कर रहे हैं…वे याद दिलाते हैं कि हम सब इस खतरे का सामना कर रहे हैं।”

महामारी से निपटने के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश देते हुए बोजकिर ने कहा कि, ‘‘कोई गलती न करें: कोई भी राष्ट्र इस महामारी से अकेले नहीं निपट सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक दूरी रखना फायदेमंद नहीं होगा। एकतरफा कोशिशों से कोविड-19 महामारी और मजबूती से पैर जमाएगी।”

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमें हमारे साझा लक्ष्यों से और दूर ले जाएगा। यह सदस्य राष्ट्रों की जिम्मेदारी है कि वे बहुपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में लोगों का भरोसा मजबूत करें, जिनके केंद्र में संयुक्त राष्ट्र हो।” बाद में संवाददाताओं से बातचीत में बोजकिर ने कहा कि दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान बहुपक्षवाद यानी एकजुट होकर कोशिश करने में है।

उन्होंने कहा, ‘‘संरा के मंच पर बहुपक्षवाद को सर्वश्रेष्ठ तरीके से लागू किया जा सकता है।” उन्होंने महामारी के लिए टीकों के निष्पक्ष एवं समतामूलक वितरण समेत वैश्विक सहयोग की नयी प्रतिबद्धता की अपील की। यह पहली बार है जब सम्मेलन के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के राष्ट्र प्रमुख, मंत्री तथा राजनयिक न्यूयॉर्क में एकत्रित नहीं हुए। विभिन्न देशों के नेता महासभा के सम्मेलनों और विभिन्न बैठकों के लिए पहले से रिकॉर्ड किये गये वीडियो वक्तव्य देंगे।

संरा महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने यूएनजीए सत्र के आरंभ में अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अब तक के इतिहास में यह वर्ष सबसे कठिन होगा क्योंकि देशों को कोविड-19 महामारी के तत्काल प्रभाव के संबंध में कदम उठाने हैं, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना है और टीकों एवं उपचार के विकास एवं समान विकास को समर्थन देना है।

उन्होंने कहा कि महामारी का प्रभाव, इसका सामाजिक एवं आर्थिक असर तथा अन्य वैश्विक चुनौतियां एवं चलन से हम अनजान हैं और हमारी एकमात्र उम्मीद यह है कि हम एकजुट होकर इसे लेकर प्रतिक्रिया दें और सर्वाधिक संवेदनशील लोगों का समर्थन करें। (एजेंसी)