America expressed concern over Pegasus issue, said - spying against critics, journalists is worrying
प्रतिकारात्मक  तस्वीर 

    तेहरान: ईरान (Iran) की रेल सेवा (Train Services) शुक्रवार को साइबर हमले (Cyber Attack) का शिकार बन गयी। एक अर्द्धसरकारी समाचार एजेंसी की खबर के अनुसार हैकरों ने देशभर के स्टेशनों की ट्रेनों की आवाजाही से संबंधित सूचना पट्टी पर ट्रेनों के परिचालन में देरी और उनके रद्द होने का फर्जी संदेश पोस्ट किया। हैकरों ने बोर्ड पर ‘‘साइबर हमले के कारण ट्रेनों के परिचालन में लंबा विलंब” या ‘‘रद्द” का संदेश पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी के कार्यालय का फोन नंबर देते हुए यात्रियों से इस नंबर पर जानकारी लेने का अनुरोध किया।

    अर्द्धसरकारी फार्स समाचार एजेंसी की खबर के अनुसार इस साइबर हमले से रेलवे स्टेशनों पर ‘‘अप्रत्याशित अफरातफरी” मच गयी। हालांकि अब तक किसी संगठन ने इस साइबर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे पहले दिन की शुरुआत में फार्स ने अपनी खबर में बताया था कि ईरान में ट्रेनों की इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग प्रणाली ठप पड़ गयी है। हालांकि खबर में यह स्पष्ट नहीं था कि क्या यह प्रणाली भी साइबर हमले का शिकार हुई है। फार्स ने बाद में इस खबर को हटा लिया और सरकारी रेलवे कंपनी के प्रवक्ता सादेग सेकरी के हवाले से बताया कि ‘‘इस व्यवधान” से ट्रेन सेवा पर कोई असर नहीं पड़ा।

    वर्ष 2019 में रेलवे कंपनी के कम्प्यूटर सेवा में खराबी के कारण कई ट्रेनों के परिचालन में देरी हुई थी। पिछले साल दिसंबर में ईरान के दूरसंचार मंत्रालय ने कहा कि देश ने अनिर्दिष्ट ‘‘इलेक्ट्रॉनिक बुनियादी ढांचे” पर साइबर हमले को नाकाम कर दिया हालांकि उन्होंने इस कथित हमले की विस्तृत जानकारी नहीं दी।