China wants a unipolar world, in which every country is under it: Robert O'Brien

बीजिंग. चीन (China) के योजना विभाग की एक अधिकारी ने इस बात को माना कि विदेशी कंपनियां बढ़ती लागत तथा अमेरिका (America)के साथ व्यापार तनाव बढ़ने के कारण अपने विनिर्माण कारखानों को चीन से हटाकर अन्य देश ले जा रही हैं। हालांकि, उसने इसे एक सामान्य बाजार गतिविधि बताया है। चीन के राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग (एनडीआरसी) China National Development and Reform Commission (NDRC) की प्रवक्ता मेंग वेई (Meng Wei) ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा व्यापक स्तर पर विनिर्माण संयंत्र बंद करने की घटना को कम आंकने का प्रयास किया। हालांकि, इन कंपनियों का चीन को दशकों से वैश्विक निर्यात केंद्र बनाने व वृहद स्तर पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित कराने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बुधवार को कहा कि चीन से उत्पादन आधार को स्थानांतरित करने के अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के हालिया कदमों को सामान्य बाजार गतिविधियों के रूप में देखा जा सकता है।

मेंग ने कंपनियों की बढ़ती लागत और चीन व अमेरिका के बीच व्यापार तनाव में तेजी को इसके लिये जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि चीन अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक खुला बनाने और विदेशी व्यवसायों के लिये व्यवस्था में सुधार करने को प्रतिबद्ध है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने मेंग के हवाले से कहा, ‘‘यह एक सामान्य बाजार घटना है।” उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी के अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन के प्रति कठोर नीतियां अपनाने से चीन पिछले दो वर्षों से आपूर्ति श्रृंखला में बड़े व्यवधानों से जूझ रहा है। ट्रंप ने मई में चीन के साथ व्यापार समझौते पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया था। भारत, वियतनाम और बांग्लादेश सहित कई देशों ने चीन छोड़ने वाली विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने के लिये विशेष नीतियों की घोषणा की है।

हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच साल के पहले छमाही में आपसी निवेश लगभग एक दशक में सबसे निचले स्तर पर आ गया। रोडियम ग्रुप तथा गैर लाभकारी संस्था नेशनल कमिटी ऑन यूएस चाइना रिलेशंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्ष व उद्यम पूंजी निवेश 30 जून को समाप्त छमाही में अनुमानित तौर पर गिरकर 10.9 अरब डॉलर पर आ गया। यह 2016 में 26 अरब डॉलर के अपने शीर्ष स्तर पर था। रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अमेरिकी कंपनियों द्वारा प्रत्यक्ष निवेश इस साल के पहले छह महीनों के दौरान 4.1 अरब डॉलर तक गिर गया।(एजेंसी)