दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को कोर्ट ने सुनाई 15 महीने जेल की सजा, अदालत की अवमानना पड़ा भारी

    जोहानिसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका के उच्चतम न्यायालय ने देश के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को अदालत की अवमानना के लिए मंगलवार को 15 माह कैद की सजा सुनाई। उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे आयोग के समक्ष पेश होने में विफल रहने के लिए उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अवमानना का दोषी पाया। जुमा (79) पर 2009 से 2018 के बीच करीब नौ वर्ष तक पद पर रहते हुए सरकारी राजस्व में लूट-खसोट होने का आरोप है। सुनवाई के दौरान जुमा अदालत में नहीं थे और उन्हें थाने में आत्मसमर्पण के लिए पांच दिनों का समय दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो पुलिस मंत्री को उनकी गिरफ्तारी का आदेश देना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि सजा निलंबित नहीं की जा सकती है।

    विभिन्न संस्थानों में भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों की जांच कर रहे आयोग ने कहा था कि जुमा को दो वर्ष कैद की सजा दी जाए। जुमा ने बार-बार कहा है कि आयोग के साथ सहयोग करने के बजाय वह जेल जाएंगे। सांविधानिक अदालत की न्यायमूर्ति सिसी खाम्पेपे द्वारा मंगलवार की सुबह दिए गए फैसले में उन्होंने जुमा के बयानों को ‘‘विचित्र” एवं ‘‘नहीं बर्दाश्त करने योग्य” बताया। न्यायाधीश खाम्पेपे ने कहा, ‘‘सांविधिक अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि जुमा अदालत की अवमानना के दोषी हैं।” न्यायाधीश ने कहा, ‘‘सांविधिक अदालत का मानना है कि जिस व्यक्ति (जुमा) ने दो बार गणतंत्र (दक्षिण अफ्रीका), इसके कानून एवं संविधान की शपथ ली, उसने कानून की उपेक्षा की, इसे कमतर आंका और कई तरह से इसे खत्म करने का प्रयास किया।”

    खाम्पेपे ने कहा, ‘‘पीठ के ज्यादातर न्यायाधीश यह मानते हैं कि कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए कि इस तरह से अवज्ञा और उल्लंघन गैर कानूनी है और दंडित किया जाएगा।” तीन वर्ष पहले जुमा का कार्यकाल समाप्त होने के कुछ महीने पहले उनकी अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया था। वह अन्य आपराधिक मामलों का भी सामना कर रहे हैं, जो उन पर एक दशक से अधिक समय से चल रहे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जुमा को सजा दिए जाने का स्वागत किया है। अहमद खतरादा फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक शान बोल्टन ने कहा, ‘‘इससे आयोग अपना काम प्रभावी तरीके से कर सकेगा और लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा और यदि वे ऐसा नहीं कर सके तो उन्हें भी इसी तरह की सजा होगी।”

    जुमा को पद से हटाने और उन पर आपराधिक मुकदमा चलाए जाने के लिए फाउंडेशन ने अभियान चलाया था। पचास अरब रैंड के भ्रष्टाचार में जुमा मुख्य आरोपी हैं जिसमें तीन गुप्ता बंधु भी शामिल हैं। गुप्ता बंधुओं ने उनके साथ कथित तौर पर निकटता के कारण भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। गुप्ता बंधुओं ने जुमा के दो बच्चों को भी कथित तौर पर फायदा पहुंचाया, जो दुबई में स्वनिर्वासन में रह रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने उनके प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू कर दी है। (एजेंसी)