होली विशेष: होली एक, विदेशों में इसके पर्व अनेक

होली को भारत का विशेष त्यौहार माना जाता है। इस दिन पूरा भारतवर्ष रंगो से सराबोर रहता है। इस दिन फागुन के गीत गाये जाते हैं और चहुँओर ख़ुशी और रंग-भांग का माहौल रहता है। लेकिन क्या होली सिर्फ हमारे

होली को भारत का विशेष त्यौहार माना जाता है। इस दिन पूरा भारतवर्ष रंगो से सराबोर रहता है। इस दिन फागुन के गीत गाये जाते हैं और चहुँओर ख़ुशी और रंग-भांग का माहौल रहता है। लेकिन क्या होली सिर्फ हमारे यहाँ मनाई जाती है/क्या विश्व का कोई ऐसा कोना भी है जहाँ होली ठीक इसी स्वरुप में विधमान है जो की हमारे यहाँ है। तो जनाब इसका जवाब है हाँ, विश्व के कई जगहों पर होली मनाई जाती है हालाँकि इन जगहों पर इसे होली नहीं कहा जाता अपितु इनको मनाने की वजह भी विरले हैं। लेकिन यह जरुरी नही कि खुशियां मनाने लिए कोई कारण की जरुरत हो, मुद्दा यह है सम्पूर्ण विश्व इन रंगो में एकसार हो। तो आइये देखते है विश्व के अन्य कोनों की होली। 

दक्षिण कोरिया का बोरयोंग मड फेस्टिवल

बोरयोंग मड फेस्टिवल दक्षिण कोरिया का एक वार्षिक उत्सव है, जो सियोल से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण में एक शहर बोरयोंग में गर्मियों के मौसम में मनाया जाता है। वे इस त्यौहार को कीचड़ से मनाते हैं। लोग मैदानों को पानी से सराबोर करके फिर वे खुद इस कीचड़ में कूद पड़ते है और अपने दोस्तों,सगे-सम्बन्धियों को भी इसी कीचड़ से सराबोर कर देते हैं।

स्पेन का टोमाटीना फेस्टिवल

इसी तर्ज पर स्पेन में हर साल अगस्त महीने के अंतिम बुधवार को इस त्योहार का आयोजन होता है। यह एक प्रकार का टमाटरों का युद्ध है जो स्पेन वासी ख़ुशी-ख़ुशी अपने लोगो के साथ खेलते हैं। इस समारोह में लोग एक-दूसरे पर जमकर टमाटरों से वार करते हैं। वहीं लोगों को किसी प्रकार की चोट न लगे, इसलिए टमाटर को पहले हाथ से पिचकाया और फिर मारा जाता है। इसके अलावा इस खेल में किसी को भी एक-दूसरे के कपड़े फाड़ने की भी इजाजत नहीं होती ।

थाईलैंड का सोंगक्रान 

सोंगक्रान मूल रूप से थाईलैंड में मनाया जाने वाला नए साल का त्यौहार है। यह हर साल 13 से 15 अप्रैल तक मनाया जाता है। होली की तर्ज पर ही इस त्यौहार में लोग एक दूसरे को जमकर पानी से भिगोते हैं। शायद ये विश्व का सबसे बड़ी जल युद्ध है जिसमे लोग ख़ुशी-ख़ुशी शामिल होते हैं। उनकी धार्मिक आस्था के अनुसार कहा जाता है कि एक दूसरे पर पानी फेंकने से पाप धुलते हैं। 

स्पेन का हारो वाइन फेस्टिवल

स्पेन में ही होली की तरह एक और त्यौहार होता है जिसे हारो वाइन समाहरोह कहते हैं। यह उत्तरी स्पेन में के हारो शहर में हर साल 27 से 30 जून के बीच आयोजित होता है। इस खेल में लोग बाल्टी, बोतल और जग में रेड वाइन भरकर एक दूसरे के ऊपर डालते हैं। इस खुशनुमा त्यौहार में बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी लोग शामिल होते हैं।

स्कॉटलैंड का फेनविक मड फेस्टिवल 

हर साल यह समारोह स्कॉटलैंड के फेनविक शहर में आयोजित किया जाता है जिसमे लोग असल में कीचड़ में उतरकर एक रेस को जीतने की कोशिश करते हैं जो की दस किलोमीटर लंबे कीचड़ के रास्ते से होकर गुजरती है। इस खेल की ख़ास बात यह होती है की सभी प्रतिभागीयों को इसमें हिस्सा लेने के लिए घुटने तक के बूट्स पहनने होते हैं ताकि उनके पैर कीचड़ में फंसे नहीं। जो भी इस दस किलोमीटर लंबे कीचड़ वाले सफर को पूरा करता है विजेता कहलाता है।

ऑस्ट्रेलिया का गर्मा फेस्टिवल 

ऑस्ट्रेलिया का यह समारोह या त्यौहार अपनेआप में अनूठा है। यह ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में मनाया जाने वाला त्यौहार है। इस समारोह में अर्न्हेम लैंड के योलांगु आदिवासी पुरे जोरशोर से मानते हैं। इस दिन यह आदिवासी पूरे दिन आपने आप को चमकीले रंगो में रंगकर नृत्य करते हैं और आपस में खुशियां बाँटते हैं।

देखा जाए तो पूरे विश्व में ही होली को विभिन्न स्वरूपीं में मनाया जाता है। त्योहारों की तो यही ख़ास बात होती है कि भले ही इनके नाम अलग हों लेकिन इसका मूल तो एक ही होता है और वह है खुशियाँ मनाना और बाँटना। वास्तव में यह विश्व ही तो एक कुटुम्भ है और हम इसके लोग। फिर ख़ुशियों का नाम मेरे लिए अगर ‘होली’ है तो मेरे स्पेन के मित्र के लिए ‘टोमाटीना’।