Horrific accident in Pakistan: aircraft crashes in residential area of Karachi, 66 dead

 कराची. पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) का एक यात्री विमान शुक्रवार को यहां जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास घनी आबादी वाले रिहाइशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे कम से कम 66 लोगों के मारे जाने की खबर है। विमान में 99 लोग सवार थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उड़ान संख्या पीके-8303 लाहौर से आ रही थी और विमान कराची उतरने ही वाला था कि एक मिनट पहले मालिर में मॉडल कालोनी के निकट जिन्ना गार्डन में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राष्ट्रीय विमानन कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पीआईए एयरबस ए320 में 91 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे।

विमान हवाईअड्डे के निकट जिन्ना आवासीय सोसाइटी में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इससे पूर्व पीआईए के एक प्रवक्ता और मीडिया में आई कई खबरों में कहा गया था कि विमान में 107 लोग सवार थे। मॉडल कालोनी इलाके से धुएं का काला गुबार उठते देखा गया। ईधी कल्याण ट्रस्ट के फैजल ईधी ने संवाददाताओं को बताया , “हमारे राहतकर्मियों ने विमान के मलबे से 66 शवों को निकाला है।” पेचुहो ने कहा कि हादसे में तीन लोग बचे हैं जिनमें बैंक ऑफ पंजाब के अध्यक्ष जफर मसूद भी शामिल हैं और उन्होंने अपनी मां को फोन कर अपने कुशल होने की जानकारी दी। ईधी ने कहा कि ऐसे 25-30 रहवासियों को भी अस्पताल ले जाया गया है जिनके घरों को इस विमान हादसे में नुकसान पहुंचा है। उनमें से अधिकतर जलने से झुलस गए थे। क्रैश लैंडिंग के दौरान विमान के पंख आवासीय कालोनी के घरों से टकराते गए और इसके बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ईधी ने कहा, “इस हादसे में कम से कम 25 घरों को नुकसान पहुंचा है।” मंत्री ने कहा, “पहली प्राथमिकता लोगों को बचाने की है। मुख्य बाधा संकरी गलियां और आम लोगों की भारी मौजदगी थी जो वहां दुर्घटना के बाद इकट्ठा हो गए थे। उन्हें हटा दिया गया है।” पीआईए के अधिकारियों के मुताबिक, कैप्टन ने हवाई यातायात टावर को सूचित किया कि उसे विमान के लैंडिंग गियर में कुछ गड़बड़ी लग रही है और इसके बाद विमान रडार से गायब हो गया। दुर्घटना के कारण की पुष्टि होना अभी बाकी है। पीआईए के मुख्य कार्यकारी एयर वाइस मार्शल अरशद मलिक ने कहा कि पायलट ने यातायात नियंत्रक को बताया था कि वह कुछ “तकनीकी मुश्किलों” का अनुभव कर रहा है।

मलिक ने उन खबरों को खारिज किया कि विमान में उड़ान से पहले भी गड़बड़ी थी। उन्होंने कहा, “दुर्घटना के असली कारण का पता जांच के बाद चलेगा जो स्वतंत्र व निष्पक्ष होगी तथा मीडिया को उपलब्ध कराई जाएगी।” उन्होंने कहा कि कुछ घरों को नुकसान हुआ है लेकिन कोई भी ढहा नहीं है। अबतक जमीन पर किसी की मौत की खबर नहीं है। मलिक ने कहा कि समूचे अभियान में दो-तीन दिन लगेगा। पाकिस्तान के दुनिया न्यूज ने कहा कि उसने पायलट और एटीसी की बातचीत की रिकॉर्डिंग हासिल की है। इसमें पायलट कहता सुनाई दे रहा है, “दो इंजन खो दिये हैं।” कुछ सेकंड बाद उसने कहा, “मेडे, मेडे, मेडे” और इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। राष्ट्रपति आरिफ अलवी ने विमान हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने विमान हादसे में लोगों की जान जाने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इस मामले में तत्काल जांच के आदेश दिये हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने हादसे में लोगों की जान जाने पर अफसोस जताते हुए सेना को राहत व बचाव कार्य में नागरिक प्रशासन की हरसंभव मदद का निर्देश दिया भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विमान हादसे में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। यह विमान लाहौर से कराची आ रहा था और नागर विमानन प्राधिकरण (सीएए) ने पिछले शनिवार को कई हफ्तों के लॉकडाउन के बाद सीमित संख्या में उड़ानों के संचालन की इजाजत दी थी। टीवी चैनलों में दिखाया जा रहा है कि जिस जगह यह दुर्घटना हुई वहां कुछ घरों और कारों को नुकसान पहुंचा है।

पीआईए के प्रवक्ता अब्दुल्ला हफीज ने कहा कि विमान का स्थानीय समय के मुताबिक अपराह्न दो बजकर 37 मिनट पर हवाईअड्डे से संपर्क टूट गया था और अभी विमान में आई किसी तकनीकी गड़बड़ी के बारे में कुछ भी कहना बेहद जल्दबाजी होगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों में 31 महिलाएं और नौ बच्चे थे। पीआईए का विमान कैप्टन सज्जाद गुल उड़ा रहे थे। इस कालोनी के रहने वाले एक व्यक्ति ने एआरवाई न्यूज चैनल को बताया कि विमान के पंखों में आग लगी थी जो दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले कुछ घरों की छतों से टकराया। पाकिस्तान में सात दिसंबर 2016 के बाद यह पहला बड़ा विमान हादसा है जब चित्राल से इस्लामाबाद आ रहा एक पीआईए एटीआर-42 विमान बीच में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी 48 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में गायक और ईसाई धर्म के प्रचारक जुनेद जमशेद भी शामिल थे। यह हादसा उस दिन हुआ है जब पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने 22 मई से 27 मई तक ईद की छुट्टियों की घोषणा की।