भारत ने पाकिस्तान को लगाई लताड़, कहा- मानव अधिकारों का हनन करने वाले हमें ज्ञान ना दें

पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में व्यक्तियों को पेंशन प्रदान करने का गौरव प्राप्त है और एक ऐसा पीएम है जो जम्मू-कश्मीर में लड़ने के लिए हजारों आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने के लिए गर्व से स्वीकार करता है

जिनेवा: अंतराष्ट्रीय मानवधिकार परिषद् (International Human Rights Council) की 45 बैठक स्विट्जरलैंड (Switzerland) के जिनेवा (Geneva) में मंगलवार को हुई. इस दौरान राईट टू रिप्लाई (Right To Reply) में भारत (India) ने पाकिस्तान (Pakistan) को जमकर लताड़ लगाई. भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन बादे (Pawan Badhe) ने जवाब देते हुए कहा, “पाकिस्तान के लिए यह एक आदत बन गई है कि वह अपने स्व-परोसने वाले दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों के लिए झूठे और मनगढ़ंत आख्यानों के साथ मेरे देश को बदनाम करे.” 

पाकिस्तान मानवधिकार का ज्ञान ना नहीं  
पवन बादे ने कहा, “न तो भारत और न ही अन्य किसी ऐसे देश से मानवाधिकारों के इस अवांछित व्याख्यान के लायक हैं जिसने लगातार अपने जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया है, आतंकवाद का एक केंद्र है.” उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में शामिल व्यक्तियों को पेंशन प्रदान करने का गौरव प्राप्त है और एक ऐसा पीएम है, जो जम्मू-कश्मीर में लड़ने के लिए हजारों आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने के लिए गर्व से स्वीकार करता है.”

सचिव ने कहा, “बलूचिस्तान (Baluchistan) , खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) और सिंध (Sindh) में इसके अधीनस्थ लोगों की दुर्दशा को अच्छी तरह से दर्शाया गया है. एक भी दिन नहीं गया जब बलूचिस्तान में एक परिवार को पाक के सुरक्षा बलों द्वारा अपहृत अपने सदस्यों का पता नहीं चला.”

वोअईसी ने खुद को  दुरुपयोग करने की अनुमति दी
 प्रथम सचिव ने कहा, “हम जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के संघ राज्य क्षेत्र के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (Organization of Islamic Cooperation) द्वारा किए गए संदर्भ को अस्वीकार करते हैं, जो भारत का अभिन्न अंग है.” उन्होंने कहा, “OIC ने पाकिस्तान द्वारा अपने एजेंडा को अपने अधीन करने के लिए खुद का दुरुपयोग करने की अनुमति दी है.OIC के सदस्यों के लिए यह तय करना कि क्या पाकिस्तान के लिए ऐसा करना उनके हित में है.”

तुर्की को दिया जवाब
कश्मीर पर टिप्पणी को लेकर तुर्की (Turkey) को जवाब देते हुए पवन बादे ने कहा, “मैं फिर से तुर्की को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से परहेज करने की सलाह देता हूं.”