India-US diplomats meet at UN, both countries reaffirmed their strategic partnership
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    संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत (India) और अमेरिका (America) के शीर्ष राजनयिकों के बीच एक बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी की फिर से पुष्टि की और बहुपक्षवाद को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की नव नियुक्त राजूदत लिंडा थोमस ग्रीनफील्ड ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधित राजदूत टीएस तिरूमूर्ति (TS Tirumurti) से मुलाकात की है। यह भेंट संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में उनके समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकों के क्रम में की गयी। तिरुमूर्ति ने रविवार को ट्वीट किया कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि ग्रीनफील्ड से मिलकर खुशी हुई। उनके साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी अध्यक्षता की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

    उन्होंने ट्वीट किया, ” हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी की फिर से पुष्टि की। भारत के टीका योगदान का स्वागत किया गया। हम बहुपक्षवाद को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे।” भारत ने संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्य शक्तिशाली परिषद में अस्थायी सदस्य के तौर पर अपने दो साल के कार्यकाल की शुरुआत इस साल जनवरी में की थी। ग्रीनफील्ड ने कहा कि (संरा सुरक्षा परिषद में) बहुपक्षवाद, कूटनीति और अमेरिका वापस आ गये हैं और ” हम काम शुरू करने के लिए तैयार हैं।”

    अमेरिका एक मार्च को सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष का जिम्मा संभालेगा। इससे पहले ग्रीनफील्ड ने सुरक्षा परिषद में सभी सदस्यों के 14 स्थायी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। अमेरिकी मिशन के प्रक्वता ओलिविया डाल्टन ने एक बयान में बताया कि संयुक्त राष्ट्र में भारत, केन्या, मैक्सिको, नाइजर, ट्यूनीशिया और वियतनाम के स्थायी प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में ग्रीनफ्रील्ड ने सुरक्षा परिषद की अमेरिकी अध्यक्षता पर चर्चा की और उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ नए संवाद की बाइडन प्रशासन (Biden Administration) की प्रतिबद्धता से अवगत कराया।

    दुनिया भर में कोविड-19 रोधी टीकों (Covid-19 Vaccine) की आपूर्ति करने के लिए भारत के प्रयासों और योगदान की व्यापक रूप से सराहना की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनिया गुतारेस ने महामारी प्रतिक्रिया प्रयास में वैश्विक नेता होने के लिए भारत की सराहना की है।