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यरूशलम. इज़राइल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu)  ने कहा कि उनका देश कम कार्बन और कम प्रदूषण वाले भविष्य की तलाश में भारत (India) का साझेदार है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भरोसा जताया कि 2030 तक उनके देश में जितनी भी ऊर्जा आपूर्ति की जाएगी उसमें से 25 प्रतिशत सौर ऊर्जा होगी। भारत के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के एक डिजिटल सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के संरक्षण में आने वाली बाधाओं को दूर करना होगा ताकि उन दिनों में भी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके जब धूप नहीं निकलती।

सरकारी विज्ञप्ति में नेतन्याहू के हवाले से कहा गया, ‘‘ हम कम कार्बन और कम प्रदूषण वाला भविष्य चाहते हैं, हरित ऊर्जा पर आधारित भविष्य चाहते हैं और इसीलिए मैं प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी की इस महत्वपूर्ण पहल का स्वागत करता हूं और मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस प्रयास में इज़राइल आपके साथ है।” उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा ‘‘ मेरा मानना है कि रचनात्मकता और नवोन्मेष सबसे महत्वपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा है। भारत और इज़राइल के साथ-साथ यहां सभी अन्य देश और आप सभी भविष्य को सुरक्षित करने के लिहाज से नवाचार के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं। इसको लेकर हम बेहद आशान्वित हो सकते हैं।”

नेतन्याहू अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी के निजी आमंत्रण पर इसमें शामिल हुए थे। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि इस्राइल इस समय जितनी बिजली की खपत करता है, उसमें से 10 प्रतिशत सौर ऊर्जा से आता है। हमने इसे 2030 तक बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। नेतन्याहू ने कहा कि प्रमुख मसला ‘स्टोरेज’ का है। इस पर करीब 400 स्टार्टअप कंपनियां अरबों डॉलर के निवेश के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने इन स्टार्टअप द्वारा इस समस्या का समाधान निकालने की उम्मीद जतायी जिससे दुनिया के सभी लोगों को लाभ होगा।