Despite Biden's victory in the presidential election, Foreign Minister Mike Pompeo will visit Europe, West Asia

वाशिंगटन. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि यह बिल्कुल स्पष्ट हो चुका है कि अमेरिका के खिलाफ सबसे खतरनाक साइबर हमले के पीछे रूस का ही हाथ था। पोम्पिओ व्यापक साइबर घुसपैठ के लिए रूस को सार्वजनिक रूप से घेरने वाले वाले प्रशासन के पहले पदाधिकारी हैं, वह भी ऐसे समय में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सरकारी और निजी क्षेत्र के कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा करने की विफलता पर मौन हैं।

यह स्पष्ट नहीं है कि हैकर्स क्या चाह रहे थे, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उनके मंसूबों में परमाणु हथियार से जुड़े रहस्य, उन्नत हथियारों की रूपरेखा, कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित अनुसंधान और सरकार के प्रमुख नेताओं और बड़े उद्योगपति के बारे में जानकारी एकत्र करना शामिल हो सकता है।

पोम्पिओ ने शुक्रवार देर रात एक रेडियो टॉक शो के संचालक मार्क लेविन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “हम अभी भी इसका सही ढंग से पता लगा रहे हैं कि यह क्या है, और मुझे यकीन है कि इसमें से कुछ गुप्त रहेंगे।” उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस मामले में अब हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि यह रूसी लोग ही थे जो इस गतिविधि में संलिप्त थे।”

इस पर रूस कहना है कि उसे हैकिंग से कुछ लेना-देना नहीं है। व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव ब्रायन मॉर्गनस्टर्न ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन एफबीआई, गृह सुरक्षा विभाग और खुफिया एजेंसियों के साथ हैकिंग की संभावना को कम करने के तरीकों का पता लगाने के लिए कई बैठकें करते हैं। (एजेंसी)