ढाका में भीषण विस्फोट: सात लोगों की मौत, करीब 400 अन्य घायल

    ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका के भीड़भाड़ वाले इलाके में रविवार को तीन मंजिला इमारत में भीषण विस्फोट गैस लाइन में खामी या गैस सिलेंडर में आग लगने से हुई होगी। अधिकारियों ने सोमवार को यह दावा किया। इस घटना में कम से कम सात लोग मारे गये जबकि 400 अन्य घायल हो गये। हालांकि, पुलिस ने हादसे के पीछे किसी तरह की साजिश होने की बात से इनकार किया है। हादसा रविवार अपराह्न करीब साढ़े सात बजे मोगबाजार में हुआ।

    पुलिस ने कहा है कि शुरूआत जांच से यह पता चलता है कि विस्फोट गैस जमा होने के कारण हुआ होगा। विस्फोट स्थल का दौरा करने के बाद पुलिस महानिरीक्षक बेनजीर अहमद ने संदेह जताया है कि विस्फोट मीथेन गैस के कारण हुआ होगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हालांकि,पूरी जांच होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा , ‘‘जब गैस सिलेंडरों का ठीक से रखरखाव नहीं किया जाता है तब वे विस्फोटक में तब्दील हो सकते हैं। ”

    अहमद ने कहा कि रविवार की घटना शानीर अखारा, नारायणगंज और अन्य स्थानों पर हुए इसी तरह के विस्फोट जैसी है। नारायणगंज मस्जिद में पिछले साल सितंबर में गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ था। अधिकारियों को संदेह है कि इमारत जहां गिरी वहीं घटनास्थल का केन्द्र है, क्योंकि वहां एक रेस्तरां था और शायद गैस लाइन में खराबी या गैस सिलेंडर फटने के कारण विस्फोट हुआ।

    ढाका महानगर पुलिस आयुक्त शफीकुल इस्लाम ने बताया कि विस्फोट से आसपास की सात अन्य इमारतें और दो यात्री बसें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। हादसे में करीब 400 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 50 लोगों की हालत गंभीर बताई जाती है। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल लोगों को ‘ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल’ और ‘शेख हसीना नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी’ में भर्ती कराया गया है।

    ‘ढाका कम्युनिटी अस्पताल’ में करीब 300 लोगों का इलाज चल रहा है। अस्पताल के ‘आउटडोर इनचार्ज’ एजीएम रहमतुल्लाह शबूज ने बताया कि अधिकतर घायलों के सिर या शरीर पर कटने के घाव हैं। सबूज ने कहा, ‘‘ अधिकतर लोगों के शरीर पर कांच से कटने के निशान हैं। कई लोगों के सिर पर चोट के निशान हैं।”

    विस्फोट के पीछे किसी तरह की साजिश होने की बात को नकारते हुए पुलिस आयुक्त ने ‘बीडीन्यूज’ से कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कुछ होता या बम फटा होता, तो उसके साक्ष्य मिले होते। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें दमकल विभाग से पता चला है कि वहां गैस जमा हो गई थी।”

    दमकल विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल सज्जाद हुसैन ने बताया कि प्राथमिक जांच से प्रतीत होता है कि गैस एकत्रित होने के बाद बने दबाव के कारण यह विस्फोट हुआ। हुसैन ने कहा, ‘‘ पास की एक इमारत के भूतल पर एक रेस्तरां में गैस सिलेंडर थे और ऊपरी मंजिल पर एक शोरूम में एयर कंडीशनर थे, जबकि घटनास्थल पर जहां सड़क निर्माण काम चल रहा था, वहां पर भी गैस सिलेंडर थे…हमने जांच शुरू कर दी है।”

    टीवी चैनलों ने अपनी खबर में हादसे में कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी है, जिनमें अधिकतर बस में सवार लोग और राहगीर हैं। घायलों का तीन अस्पतालों में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि कई लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, विस्फोट से शहर में अफरा-तफरी मच गई और तनाव पैदा हो गया। वहीं टेलीविजन पर दिखाए जा रहे वीडियो में देश की राजधानी के मध्य भाग में सड़क पर टूटे हुए खंभे, कंक्रीट और कांच के टुकड़े दिखाई दे रहे हैं।

    घायलों में से एक ताजुल इस्लाम (50) ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘जब विस्फोट हुआ, तब मैं बस में था। मैं एक छोटी सी खिड़की से बाहर कूदा। पहले मुझे लगा कि बस के गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ है… मैंने अपने जीवन में कभी इतना बड़ा धमाका नहीं देखा।” ताजुल इस्लाम की कमर पर चोटें आईं हैं और उन्होंने विस्फोट के कारण सुनने में दिक्कत की शिकायत भी की है।

    चश्मदीदों के अनुसार, विस्फोट के तुरंत बाद सड़क पर कई बसें और कारें आपस में टकरा गईं, जबकि घबराए यात्री वाहनों से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे।