Nobel peace prize winner announced today

ओस्लो: इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के विजेता की ओस्लो में शुक्रवार को घोषणा की जाएगी। नॉर्वे (Norway) की नोबेल समिति अपने पसंदीदा उम्मीदवार को लेकर पूरी गोपनीयता बरतती है। इसके बावजूद विजेता की घोषणा से पहले अटकलें लगती रहती हैं। इस बार, अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस साल का शांति पुरस्कार जलवायु कार्यकर्ता एवं स्वीडन की नागरिक ग्रेटा थनबर्ग, नर्व एजेंट हमले से उबर रहे रूस के नेता एलेक्सी नवलनी (Alexey Navalny) और कोरोना वायरस (Corona Virus) संकट से निपटने में भूमिका के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) में से किसी को दिया जा सकता है।

नवलनी ने अपने ऊपर हमले के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) पर आरोप लगाया है। ऐसा लगता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का भी मानना है कि उन्हें यह पुरस्कार दिया जाना चाहिए। इस पुरस्कार के लिए 318 उम्मीदवार हैं, जिनमें से 211 व्यक्ति और 107 संगठन शामिल हैं। नामांकन के लिए अंतिम समय सीमा एक फरवरी थी। इसका अर्थ हुआ कि मार्च में वैश्विक महामारी घोषित किए गए कोविड-19 से लड़ रहे योद्धाओं में से किसी को पुरस्कार मिलने की संभावना नहीं है।

नोबेल पुरस्कार के तहत स्वर्ण पदक, एक करोड़ स्वीडिश क्रोना (तकरीबन 8.27 करोड़ रूपये) की राशि दी जाती है। स्वीडिश क्रोना स्वीडन की मुद्रा है। यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है। इससे पहले, रसायन विज्ञान और भौतिकी सहित कई क्षेत्रों में इस साल के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की जा चुकी है। शांति एवं अर्थशास्त्र के क्षेत्र में इस पुरस्कार की घोषणा अभी बाकी है।