एयरस्ट्राइक 2019 : अर्नब गोस्वामी पर भड़के इमरान ख़ान, मोदी सरकार को भी घेरा

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) ने एक भारतीय टीवी एंकर और मीडिया उद्योग के एक पूर्व कार्यकारी के बीच कथित व्हाट्सएप मैसेज के जरिये हुई बातचीत को लेकर मीडिया में आयी खबरों पर सोमवार को आक्रोश जताया। इन खबरों के अनुसार बातचीत में यह कहा गया है कि 2019 में पाकिस्तान में भारत का एयरस्ट्राइक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की चुनाव में जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए की गई पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चर्चित भारतीय टीवी एंकर अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) और टीवी रेटिंग कंपनी के पूर्व प्रमुख पार्थो दासगुप्ता के बीच व्हाट्सऐप पर कथित बातचीत के बारे में भारतीय मीडिया में आयी खबरों को लेकर ट्विटर पर प्रतिक्रिया दी।

खबरों के अनुसार इन कथित मैसेज का आदान-प्रदान एयरस्ट्राइक (Indian Airstrike 2019) के तीन दिन पहले हुआ। इस बातचीत से यह संकेत मिलता है कि गोस्वामी को एयरस्ट्राइक के बारे में पहले से जानकारी थी और इसे लोकसभा चुनाव में मोदी की फिर से जीत की संभावना बढ़ाने के इरादे से किया गया था। गोस्वामी रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक हैं और वह मोदी एवं उनकी राष्ट्रवादी नीतियों का समर्थन करने के लिए जाने जाते हैं। कथित व्हाट्सएप ‘चैट’ के अनुसार 26 फरवरी 2019 के एयरस्ट्राइक से तीन दिन पहले गोस्वामी ने दासगुप्ता से कहा, ‘‘कुछ बड़ा होगा और सरकार पाकिस्तान पर कुछ इस तरह से हमला करने को लेकर आश्वस्त है जो लोगों को गौरवान्वित करेगा।” इस पर दासगुप्ता, गोस्वामी से कहते हैं कि पाकिस्तान पर हमला मोदी को आगामी चुनाव में ‘‘बहुमत” दिलाएगा। इसके कुछ महीने बाद मई 2019 के चुनाव में मोदी को प्रचंड जीत मिली और उनकी पार्टी बहुमत के साथ संसद पहुंची। यह कथित बातचीत मुंबई पुलिस के उस पूरक आरोपपत्र का हिस्सा है जिसे टीवी रेटिंग में कथित हेरफेर के एक अलग मामले में दायर किया गया है। इस बारे में सोमवार को न तो दासगुप्ता और न ही गोस्वामी ने कोई टिप्पणी की।

हालांकि गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार उनके खिलाफ साजिश रच रही है। पाकिस्तान पर फरवरी 2019 की यह एयरस्ट्राइक जम्मू कश्मीर में उसी महीने आतंकवादियों द्वारा किए गए आत्मघाती बम हमले के जवाब में की गयी थी। इस हमले में 40 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। भारत ने इन हमलों के लिए पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर आरोप लगाया था और उसने हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के नेताओं को गिरफ्तार भी किया लेकिन मोदी नीत सरकार ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी ठिकाने को निशाना बनाने की बात कहते हुए वहां रात में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान ने कहा कि भारतीय युद्धक विमानों ने जंगल में बम गिराए जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। इसके जवाब में पाकिस्तान ने कश्मीर में भारत के एक विमान को मार गिराया और उसके पायलट को पकड़ लिया जिसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बाद में रिहा कर दिया गया।

खान ने 2019 में संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में आरोप लगाया था कि मोदी ने ‘‘चुनाव में फायदे के लिए” एयरस्ट्राइक का इस्तेमाल किया। खान ने कई ट्वीट किया, उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक समुदाय को भारत के इस विवेकहीन, सैन्य एजेंडे को रोकना होगा, अन्यथा मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस पूरे इलाके को एक ऐसे विवाद में धकेल देगी जिस पर नियंत्रण पाना असंभव हो जाएगा।” पाक प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हाल ही में भारतीय पत्रकार की बातचीत को लेकर खुलासों ने मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और भारतीय मीडिया के बीच नापाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है जिसका इस्तेमाल चुनावी फायदे और पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने के इरादे से किया गया।” इस कथित बातचीत की भारत में विपक्ष ने भी आलोचना की है और केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा है।

विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि दोनों व्यक्तियों (अर्णब और दासगुप्ता) के बीच हुई बातचीत ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार (भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार) ने एक तथाकथित पत्रकार को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित जानकारी लीक कर देश के साथ धोखा किया है। पार्टी ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा का तथाकथित पत्रकारों के साथ राष्ट्रविरोधी गठजोड़ देश की सैन्य कार्रवाइयों से संबंधित गोपनीय जानकारियां लीक कर देश की सैन्य शक्ति को कमजोर कर रहा है। ऐसा राष्ट्रविरोधी गठजोड़ देश की सैन्य शक्ति पर आक्रमण कर रहा है।” कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘‘सेना की रणनीति एक टीवी चैनल के व्यावसायिक हित को पूरा करने के लिए लीक की गई। इस बारे में मोदी सरकार द्वारा गंभीरता से जांच किए की जाने की जरूरत है।”(एजेंसी)