Prime Minister assured all possible help to cyclone affected West Bengal

संयुक्त राष्ट्र. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कोविड-19 महामारी(Coronavirus)से निपटने में संयुक्त राष्ट्र  (United Nations)की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए शनिवार को वैश्विक समुदाय को आश्वस्त किया कि भारत की टीका उत्पादन और टीका वितरण की क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने पूछा, ‘‘पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोविड-19 वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली प्रतिक्रिया कहां है?” यह सवाल उठाते हुए मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रियाओं में बदलाव, व्यवस्थाओं में बदलाव, स्वरूप में बदलाव, आज समय की मांग है।

मोदी ने कहा कि महामारी के इस मुश्किल समय में भी भारत ने 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां भेजी। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व के सबसे बड़े टीका उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं। भारत की टीका उत्पादन और टीका वितरण क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी।” कोविड महामारी से अब तक विश्व की 3.2 करोड़ आबादी प्रभावित हो चुकी है और दुनिया भर में इससे 9.9 लाख से अधिक लोग अपनी जांन गंवा चुके हैं। भारत में इस महामारी से अब लगभग 60 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और 93,000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

कोविड महामारी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया पर प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे समय में सवाल उठाया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  (Donald trump) इस महामारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका की आलोचना करते रहे हैं। पिछले सप्ताह ही उन्होंने आरोप लगाया था कि विश्व की सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्था का नियंत्रण चीन कर रहा है। मोदी ने कहा कि भारत कोरोना वायरस के टीके के क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे दौर में है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव का हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे। हमारा मार्ग जनकल्याण से जगकल्याण का है। भारत की आवाज़ हमेशा शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठेगी।” (एजेंसी)