कार में  कट रही थी बुजुर्ग Teacher की जिंदगी, मददगार बने Ex Students

    जोस विलालरुएल (Jose Villarruel) पेशे से टीचर और एक ट्यूटर हैं, जो लंबे समय से अपनी जिंदगी एक कार में गुजार रहे हैं। मतलब, उनकी 1997 की कार ही उनका घर है। वे 1997 की Ford Thunderbird LX कार का दरवाजा खोलते हैं तो वह इस बात का ध्यान रखते हैं कि वो उसे जोर से ना बंद करें। यहां तक की उन्हें लैपटॉप को चार्ज रखने के लिए भी कार की बैटरी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन इस टीचर के 77वें जन्मदिन पर उनके पुराने स्टूडेंट्स ने ऐसा तोहफा दिया कि उनकी जिंदगी बदल गई! यह मामला कैलिफोर्निया के फोंटाना शहर का है।

    कोरोना ने बढ़ाई मुश्किलें 

    विश्व में जारी कोरोना के कहर ने लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दरअसल कैलिफोर्निया के एक टीचर Jose  साल 2013 से आर्थिक तंगी की वजह से कार में रहने को मजबूर थे। लेकिन उनकी जंदगी हद से बत्तर तब हुई जब कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हो गए। पैसे को तंगी के कारण  वे  एक घर का खर्च भी नहीं उठा पर रहे थे। कारण यह था कि, उन्हें अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा अपने परिवार के पास भेजना होता था। 

    स्टूडेंट्स ने इकट्ठा किए पैसे 

    पूर्व छात्र Steven Nava ने बताया कि, ऑफिस जाने के दौरान वे रोज इस बूढ़े टीचर को सुबह की शुरुआत अपनी 24 साल पुरानी कार की डिक्की से जरूरत का सामान निकालने से करते देखते थे! मैंने फैसला लिया कि मुझे टीचर के लिए कुछ करना है। मैंने एक फंड रेजिंग अकाउंट बनाया। वो बताते हैं, ‘हमारा लक्ष्य 5 हजार डॉलर (3.60 लाख रुपये) जुटाना था। लेकिन हमने उससे 6 गुना ज्यादा पैसे इकट्टठा कर लिए।

    टीचर को नहीं हुआ यकीन 

    जब गुरुवार को मिस्टर. वी (Jose Villarruel) का 77वां जन्मदिन आया तो उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उन्हें एक बड़ा ही खास तोहफा मिलने वाला है। स्टीवन और अन्य पूर्व छात्रों ने ‘हैप्पी बर्थडे’ गाते हुए अपने बूढ़े टीचर को 27 हजार डॉलर का चैक दिया। इस पर Jose ने कहा, ‘मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा। यह चौंकाने वाला था। मैंने इसकी बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी।’ वहीं स्टीवन ने कहा कि उस व्यक्ति की मदद करना किसी सम्मान से कम नहीं है, जो बहुत से बच्चों की जिंदगी को बेहतर बनाने का काम करता हैं।