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    लंदन: ब्रिटेन (Britain) के स्वास्थ्य अधिकारियों (Health Officials) ने कोरोना वायरस (Corona Virus) के बेहद संक्रामक प्रकार बी.1.617 के 77 मामलों की पहचान की है और इसे जांच के अधीन वाले प्रकार (वीयूआई) के तौर पर निर्धारित किया है। यह कोविड-19 के लिए जिम्मेदार वायरस का वही प्रकार है जो पहली बार भारत (India) में मिला था। ब्रिटेन में चिंता वाले वायरस के प्रकारों (वीओसी) और वीयूआई के नये मामलों पर साप्ताहिक जानकारी जारी करे वाले पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने बताया कि पहली बार भारत में मिले वायरस के इस प्रकार ने कई बार रूप बदला है।

    पीएचई की साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा गया, “एक नये प्रकार को पीएचई ने जांच अधीन प्रकार (वीयूआई) माना है। पहली बार भारत में मिले इस प्रकार ने कई बार रूप बदला है और इसके परिवर्तित रूपों में ई484क्यू, एल452आर और पी681आर शामिल हैं।” इसने कहा, “पीएचई ने ब्रिटेन में इस प्रकार के 77 मामलों की पहचान की है और सभी उचित जन स्वास्थ्य हस्तक्षेप किए जाएंगे जिनमें संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने का काम तेजी से होगा। वायरस के इस प्रकार को वीयूआई-21 अप्रैल-01 तय किया गया है। पीएचई और अंतरराष्ट्रीय साझेदार स्थिति पर करीब से नजर रखना जारी रखेंगे।”

    बी.1.617 प्रकार के रूपांतरित प्रकारों के बारे में आशंका है कि वे तेजी से फैलते हैं और कुछ हद तक रोग प्रतिरोधक क्षमता इन्हें नहीं रोक पाती है। समझा जाता है कि भारत में कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के लिए बहुत हद तक यह प्रकार जिम्मेदार है जहां संक्रमण की दर और मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत फिर से बढ़ गई है। इसी के चलते ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस महीने के अंत में तय अपनी भारत यात्रा की अवधि को कम करने का फैसला किया है जहां बहुत से तय कार्यक्रमों को अब 26 अप्रैल को ही पूरा करना तय किया गया है।

    जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा, “हम भारत में कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा को लेकर भारत सरकार से करीबी संपर्क में हैं। इन चर्चाओं के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री ने इस माह के अंत में निर्धारित अपनी यात्रा की अवधि कम कर नयी दिल्ली में एक संक्षिप्त कार्यक्रम तक सीमित करने का फैसला किया है।”

    भारत फिलहाल देशों की उस “लाल सूची” में नहीं है जिसके तहत भारत और ब्रिटेन की यात्रा करने वालों को होटल में सख्त पृथक-वास में रहना होगा। अगर ब्रिटेन में भारतीय बी.1.617 प्रकार को लेकर और चिंताएं बढ़ती हैं तो इसे वीयूआई की जगह चिंताजनक प्रकार (वीयूसी) की श्रेणी में डाल दिया जाएगा।