The rat who saved thousands of lives by detecting more than 71 landmines retired, know how saved hundreds of lives while in service

    नई दिल्ली: कई बार ख़बरें आती हैं कि, किसी जगह पर बम की खबर होने के बाद सबसे पहले स्पॉट पर डॉग स्क्वाड (Dog Squad) को पहुंचाया जाता है। क्यूंकि डॉग अपने सूंघने की क्षमता से कई लोगों की जान बचाने में मददगार साबित होते हैं। लेकिन कंबोडिया (Cambodia) में बीते पांच साल में मगावा नाम के चूहे (Rat) ने सैकड़ों बारूदी सुरंगों (Explosive Tunnels) का पता लगाया जिससे उसने हजारों लोगों की जानें बचाई। सैकड़ों लोगों की जान की रक्षा करने वाला ये बहादुर चूहा अब सेवानिवृत्त (Retire) हो गया है।

    दरअसल अफ्रीकी नस्ल के इस चूहे की बहादुरी के काफी चर्चे हैं और ये सोशल मीडिया पर भी किसी स्टार से कम नहीं है। वैसे बताया जा रहा है कि, अपने सूंघने की क्षमता से इसने बारूदी सुरंगों का पता लगाने में काफी मदद की और अपने इस हुनर से इसने मशीनों को भी मात दे दी। बता दें कि, इसके सूंघ कर बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए कम्बोडिया के आधिकारिक दल में भी शामिल किया गया था।

    मगावा के काम को सिरहाते हुए उसे ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए द्वारा सम्मानित भी किया गया है। ब्रिटिश संस्था हर साल अच्छा काम करने वाले जानवरों को सम्मानित करती है। पहली बार इस संस्था ने एक चूहे को सम्मानित किया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, मगावा सात साल का है और उसके रिटायर होने से पहले विशेष रूप से कंबोडिया में 71 से ज़्यादा बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।

    बताया गया है कि, अपनी सर्विस के दौरान उसने अपने लगभग हर टास्क को सफलतापूर्वक निभाया और बारूदी सुरंगों के साथ कई जिंदा विस्फोटकों का भी पता लगाया। 

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