Trump again repeated his claim, saying - elections were the most unsafe in history, rigged

मिलवॉकी (अमेरिका). विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी काउंटी के चुनाव अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) के पर्यवक्षकों ने राष्ट्रपति पद के चुनाव की पुनर्मतगणना को बाधित करने की कोशिश की और कई बार गणना के लिए निकाले गए हर मतपत्र पर आपत्ति जताई। ट्रंप ने मिलवॉकी और डेन काउंटी में फिर से मतगणना कराने का अनुरोध किया था। डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडन (Joe Biden) ने यहां 20,600 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। इससे पहले इतने बड़े अंतर से मिली कोई जीत पुनर्मतगणना के बाद हार में नहीं बदली है।

ऐसे में कई लोगों का यह मानना है कि ट्रंप फिर से मतगणना इसलिए करा रहे हैं, ताकि वह अंतत: अदालत में यहां मतदान को चुनौती दे सकें। ट्रंप ने कई अहम राज्यों में चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी है। काउंटी क्लर्क जॉर्ज क्रिस्टनसन (County Clerk George Christensen)ने शनिवार को कहा कि मिलवॉकी में रिपब्लिकन सदस्यों के बार-बार शिकायत करने के कारण पुनर्मतगणना में तय समय से बहुत देरी हुई। उन्होंने कहा कि ट्रंप के पर्यवेक्षक मतगणना करने वालों से बार-बार सवाल करके और टिप्पणियां करके मतों की फिर से गणना को लगातार बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। क्रिस्टनसन ने कहा, ‘‘यह अस्वीकार्य है।” उन्होंने कहा कि ट्रंप के कुछ पर्यवेक्षकों को ‘‘स्पष्ट रूप से यह पता ही नहीं है, वे क्या कर रहे हैं।”

काउंटी के चुनाव आयुक्त टिम पोस्नानस्की ने कहा कि पुनर्मतगणना की एक मेज पर ट्रंप के एक पर्यवेक्षक ने हर उस मतपत्र पर आपत्ति जताई, जिसे बैग से निकाला गया। पोस्नानस्की ने कहा कि इस बात के ‘‘प्रथमदृष्ट्या प्रमाण हैं कि ट्रंप प्रचार मुहिम ने बदनीयत से काम किया।” ट्रंप चुनाव प्रचार मुहिम की ओर से आयोग के सदस्यों से बात करने वाले वकील जो वोइलैंड ने इस बात से इनकार किया कि उनके पक्ष ने बदनीयत से काम किया। (एजेंसी)