ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड का सहयोग करने पर अमेरिका ने भारतीय नागरिक को किया बैन

    वाशिंगटन. अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) (United Arab Emirates) (UAE)में रहने वाले एक भारतीय नागरिक को ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड (Revolutionary Guard) के साथ सहयोग करने वाले तस्करी के एक नेटवर्क को धन मुहैया कराने में मदद करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

    अमेरिका (America) का कहना है कि रेवोल्यूशनरी गार्ड इस मदद के जरिए लाखों डॉलर यमन के हूती विद्रोहियों को अवैध रूप से हस्तांतरित करते हैं। राजकोष मंत्रालय ने कहा कि मनोज सबरवाल उस तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हैं जो ईरान के इस्लामी रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर कोड्स फोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) और यमन में हूतियों को धन मुहैया करता है।

    अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान में रहने वाले हूती वित्तदाता सैद अल जमाल के नेतृत्व में यह नेटवर्क ईरानी पेट्रोल जैसे सामग्रियों की बिक्री से लाखों डॉलर राजस्व जुटाता है जिसका एक बड़ा हिस्सा बिचौलियों के जटिल नेटवर्क और कई देशों के एक्सचेंज संगठनों के माध्यम से यमन में हूतियों को भेजा जाता है। मंत्रालय ने कहा कि सबरवाल समुद्री नौवहन पेशेवर है जो सैद अल जमाल के नेटवर्क के नौहवन संबंधी कार्यों का प्रबंधन करता है और ईरान के तेल उत्पादों की तस्करी पर अल जमाल को सलाह देता है।

    अल जमाल ईरान में रहने वाले हूती वित्तदाता समर्थक हैं जो ईरानी ईंधन, पेट्रोलियम उत्पादों और अन्य सामग्रियों को पश्चिम एशिया, अफ्रीका और एशिया में ग्राहकों तक तस्करी कर पहुंचाने वाली कंपनियों और पोतों को निर्देशित करते हैं। सबरवाल पश्चिम एशिया और एशिया भर में ईरानी पेट्रोल उत्पाद एवं सामग्रियों के नौवहन के लिए जिम्मेदार है जबकि सैद अल जमाल की संलिप्तता को अंधेरे में रखा हुआ था। मंत्रालय ने कहा कि सबरवाल पर सैद अल जमाल की मदद के लिए सामग्री की सहायता देने या उन्हें प्रायोजित करने, या वित्त, सामग्री या प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करने या वस्तु या सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की निदेशक एंड्रिया एम गाकी ने कहा कि इस नेटवर्क का वित्तीय सहयोग यमन और सऊदी अरब में अहम ढांचों और असैन्य नागरिकों पर निंदनीय हमलों में मदद करता है।(एजेंसी)