ब्रिटिश मंत्री प्रीति पटेल से जुड़े नस्लीय वीडियो के मामले में 2 लोगों ने जुर्म स्वीकारा

    लंदन. ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल (Priti Patel) को सोशल मीडिया वीडियो (Social Media)के जरिए निशाना बनाते हुए घोर आपत्तिजनक संदेश भेजने और “नस्ली घृणा” (Racist Video) को उकसाने के आरोपी दो व्यक्तियों ने मंगलवार को अदालत में खुद पर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया। जेक हेंडरसन (28) ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद इस साल जनवरी में पटेल की व्याख्या करने के लिए नस्ली तौर पर अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था और सह-आरोपी रॉबर्ट कमिंग (26) उन लोगों में शामिल था जिसने इस वीडियो को ऑनलाइन साझा किया।

    दोनों युवकों ने सार्वजनिक संचार नेटवर्क द्वारा घोर आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप स्वीकार किया और अब वे 12 अगस्त को सजा सुनाए जाने के लिए इंग्लैंड के ईस्ट मिडलैंड्स के नॉटिंघमशायर में मैन्सफील्ड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होंगे। अदालत में 50 सेकेंड का वीडियो चलाया गया जहां हेंडरसन को बोलते हुए सुना जा सकता है, “श्वेत व्यक्ति के तौर पर, मैं अश्वेत व्यक्तियों की बात नहीं सुनने वाला हूं।” कमिंग ने फिर इस वीडियो को चार हंसते हुए इमोजी एवं इस कैप्शन के साथ दूसरे लोगों के साथ साझा किया, “नफरत करने वाले नफरत करेंगे”।

    ब्रिटेन के क्राउन अभियोजन सेवा (सीपीएस) की तरफ से पेश हुए अभियोजक डेनियल चर्च ने कहा कि वीडियो “नस्ली समूहों के सदस्यों के प्रति शत्रुता से प्रेरित” था। अदालत ने सुना कि कैसे लोग वीडियो से जुड़ी टिप्पणियों के चलते तनाव में थे और उन्हें भय था कि इसकी सामग्री नस्ली घृणा को भड़का सकती है। दोनों आरोपियों को अदालत ने 29 मई को तलब किया था और दोनों पर सार्वजनिक संचार नेटवर्क द्वारा बेहद अपमानजनक संदेश भेजने का आरोप तय किया गया था जिसमें कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। (एजेंसी)