वेस्ट बैंक के हिस्सों के समायोजन की इजाराइली योजना ‘‘घातक” : UNHRC

यरूशलम. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की प्रमुख ने सोमवार को कहा कि अधिकृत वेस्ट बैंक के हिस्सों के समायोजन की इजराइल की योजना के क्षेत्र के लिए ‘‘घातक” परिणाम होंगे। योजना को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका और इजराइल के अधिकारियों के बीच बैठक होने जा रही है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) की उच्चायुक्त मिशेल बैश्लेट ने कहा कि दुनिया इजराइल से आग्रह कर रही है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पश्चिम एशिया योजना के तहत क्षेत्र का समायोजन न करे।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव, यूरोपीय संघ और महत्वपूर्ण अरब देश सभी ऐसा न करने को कह चुके हैं तथा इससे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा और इससे इजराइल के साथ एक जीवंत फलस्तीन राष्ट्र की स्थापना की शेष उम्मीदें नष्ट होंगी। यूनएचआरसी प्रमुख ने जिनेवा में एक बयान में कहा कि यह न सिर्फ फलस्तीनियों, बल्कि खुद इजराइल के लिए भी घातक हो सकता है। उधर, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने बेश्लेट पर आरोप लगाया कि वह अपने कार्यालय का राजनीतिकरण कर रही हैं और उनके ‘‘एकतरफा रवैये” की वजह से इजराइल ने इस साल के शुरू में उनके कार्यालय के साथ अपने संबंधों पर विराम लगा दिया था। ट्रंप ने जनवरी में अपनी योजना की घोषणा की थी कि वेस्ट बैंक का 30 प्रतिशत हिस्सा स्थायी रूप से इजराइल के नियंत्रण में छोड़ दिया जाए और शेष हिस्सा फलस्तीनी प्राधिकार को दे दिया जाए।(एजेंसी)