US Commission calls for building Indo-US strategic technical partnership

वाशिंगटन: अमेरिका (America) को भारत (India) के साथ एक औपचारिक तकनीक साझेदारी का निर्माण करना चाहिए जिससे महत्वपूर्ण भारत-प्रशांत रणनीति के विकास में मदद मिलेगी। यह बात कृत्रिम मेधा संबंधी एक स्वतंत्र संघीय आयोग ने कही है।

नवगठित ‘नेशनल सिक्युरिटी कमीशन आन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस’ (National Security Commission on Artificial Intelligence) ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि विदेश विभाग (Foreign Department) और रक्षा विभाग (Defense Department) को भारत, आस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और वियतनाम के साथ एक औपचारिक सहयोग समझौते पर बातचीत करनी चाहिए।

आयोग ने कांग्रेस और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया कि अमेरिका को वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा में बाजी मारने के लिए अपने सहयोगियों और साझेदारों की ताकत बढ़ानी चाहिए। इस सिफारिश में ‘क्वाडिलेट्रल सिक्युरिटी डायलॉग’ के देशों अमेरिका, आस्ट्रेलिया, भारत और जापान के साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अन्य देशों के साथ संबंधों को औपचारिक रूप देने और रक्षा एवं सुरक्षा उद्देश्यों के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) पर सहयोग पर ध्यान देने की बात कही गई है।

आयोग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय और द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक व्यापक रणनीतिक ढांचे की सिफारिश की है। इसमें कहा गया है कि सबसे पहले, अमेरिका को नाटो और सदस्य देशों द्वारा एआई के जिम्मेदार विकास और क्षेत्ररक्षण को तेज करना चाहिए तथा हिंद-प्रशांत में सहयोगियों एवं साझेदारों के साथ रक्षा सहयोग समझौतों को आकार देना चाहिए।

इसमें कहा गया है कि इसके साथ ही अमेरिका को एआई के जिम्मेदार उपयोग को आगे बढ़ाने के लिए बहुपक्षीय प्रयास का निर्माण करना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिका को मुक्त एवं खुले समाज के साथ एआई द्विपक्षीय साझेदारी और गहरी करनी चाहिए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत के महत्व को स्वीकार करते हुए अपने हिंद-प्रशांत संबंधों को भारत के इर्दगिर्द केंद्रित करना चाहिए तथा उभरती तकनीक को केंद्र बिंदु में रखना चाहिए।

आयोग ने कहा है कि भारत के प्रति अधिक मजबूत नीति क्रियान्वित करने के लिए विदेश विभाग को रक्षा एवं वाणिज्य विभागों के साथ समन्वय में यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक टेक अलायंस (यूआईएसटीए) के निर्माण का नेतृत्व करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि यूआईएसटीए का उद्देश्य भारत को क्षेत्र में अमेरिकी विदेश नीति और हिंद-प्रशांत रणनीति का केंद्र बिंदु बनाना होगा।

आयोग ने सिफारिश की कि अमेरिका के विदेश विभाग को भारत के विदेश मंत्रालय के साथ साझेदारी में उभरती हुई प्रौद्योगिकी एवं भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए रणनीति विकसित करने एवं लागू करने के लिए यूआईएसटीए की स्थापना करनी चाहिए।