Anticipating Taliban attack during withdrawal of US troops from Afghanistan, America is preparing to deal with the attack
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    वाशिंगटन: अमेरिका (America) ने कहा है कि वह अफगानिस्तान (Afghanistan) की सीमा (Border) पर आतंकवाद (Terrorism) से जुड़े मुद्दों के बारे में पाकिस्तान (Pakistan) के साथ वार्ता (Talks) करना जारी रखेगा। पेंटागन (Pentagon) के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अफगानिस्तान से लगती सीमा में आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर हम पाकिस्तान से वार्ता करना जारी रखेंगे। यहां यह बताना ठीक होगा कि उन्होंने (पाकिस्तान ने) भी अपने देश के भीतर आतंकवादी हमलों को झेला है।”

    एक सवाल के जवाब में किर्बी ने कहा कि 22 सितंबर तक अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी के बारे में राष्ट्रपति जो बाइडन के विचार बिलकुल स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में राष्ट्रपति के विचार बिलकुल स्पष्ट हैं। हम अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला रहे हैं और आतंकवाद रोधी पर्याप्त क्षमताएं कायम रखेंगे जो अफगानिस्तान से हमारे देश के लिए उत्पन्न होने वाले खतरे की पहचान करने और उसे रोकने के लिए आवश्यक हैं।”

    किर्बी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जब अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से वापस आ जाएंगे, तो उसके बाद अफगानिस्तान की संप्रभुता का सम्मान किया जाएगा। दरअसल ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद बीजिंग अफगानिस्तान में शांतिरक्षा बल भेजने के बारे में विचार कर रहा है जिन्हें अफगानिस्तान से लगते पड़ोसी प्रांत में तैनात किया जाएगा। किर्बी ने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से किसी दूसरे राष्ट्र के लिए नहीं बोलेंगे और जाहिर तौर पर अफगानिस्तान के सभी पड़ोसियों का आह्वान करेंगे कि वे उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें।”

    उन्होंने कहा, ‘‘अगर अफगानिस्तान से आतंकवाद का कोई असल खतरा है तो उस पर ध्यान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप तथा अफगान सरकार के साथ काम किया जाएगा, लेकिन हम चाहते हैं कि अफगानिस्तान की संप्रभुता का सम्मान हो।” किर्बी ने कहा कि अमेरिका, अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला रहा है।