US Troops in Haiti : US Army may enter Haiti, country's interim Prime Minister confirms request to call US troops
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    पोर्ट-ऑ-प्रिंस (हैती): हैती (Haiti) की अंतरिम सरकार ने शुक्रवार को कहा कि, राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे (President Jovenel Moise) की हत्या (Murder) के बाद देश में स्थिरता लाने और चुनाव का मार्ग तैयार करने की कोशिश की जा रही है और इसी के मद्देनजर उसने अहम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अमेरिका (America) से अपने सैनिकों (US Troops) की नियुक्ति का अनुरोध किया है।

    अंतरिम प्रधानमंत्री क्लाउड जोसफ ने एक साक्षात्कार में बताया, ‘‘निश्चित तौर पर हमें मदद की आवश्यकता है और हमने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मदद मांगी है। हमारा मानना है कि स्थिति का समाधान करने में हमारे सहयोगी राष्ट्रीय पुलिस की सहायता कर सकेंगे।” हालांकि अंतरिम प्रधानमंत्री ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। जोसफ ने कहा कि वह उन विरोधियों से निराश हैं जो राजनीतिक सत्ता हथियाने के लिए मोइसे की हत्या का फायदा उठाना चाहते हैं।

    उनका यह बयान कुछ सांसदों की ओर इशारा था जो अब जोसफ लैंबर्ट के प्रति निष्ठा दिखाते हुए उन्हें हैती की विघटित सीनेट के प्रमुख तथा अनंतिम राष्ट्रपति और एरियर हेनरी को प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता दे रहे हैं, जिन्हें राष्ट्रपति मोइसे ने निधन से एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर नामित किया था। जोसफ ने कहा, ‘‘मुझे सत्ता के लिए संघर्ष में कोई रूचि नहीं है। हैती में राष्ट्रपति बनने का सिर्फ एक तरीका है और वह है – चुनाव।” इस बीच कोलंबिया की पुलिस ने कहा कि मोइसे की हत्या में शामिल कोलंबियाई लोगों को चार कंपनियों ने भर्ती किया था और डोमिनिक गणराज्य के रास्ते दो समूहों में उन्होंने कैरेबियाई देश की यात्रा की थी। वहीं, अमेरिका ने कहा है कि वह जांच में सहयोग के लिए वरिष्ठ एफबीआई एवं गृह सुरक्षा अधिकारियों को भेजेगा। ये सभी उन संदिग्ध हमलावरों में शामिल थे जिन्होंने बुधवार को तड़के देश के राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे की उनके आवास में घुसकर हत्या कर दी।

    हैती की नेशनल पुलिस के प्रमुख लियोन चार्ल्स ने बताया कि हिरासत में लिए गये 17 लोगों में से 15 संदिग्ध कोलंबिया से हैं। चार्ल्स के अनुसार, पुलिस के साथ मुठभेड़ में सात अन्य संदिग्ध हमलावर मारे गये थे। कोलंबियाई नेशनल पुलिस के प्रमुख जनरल जॉर्ज लुईस वरगास वालेंसिया ने देश की राजधानी बोगोटा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हत्या की साजिश के लिए कोलंबियाई लोगों को चार कंपनियों ने भर्ती किया था। दो संदिग्ध पनामा के रास्ते और डोमिनिक गणराज्य के रास्ते हैती पहुंचे थे जबकि 11 अन्य का दूसरा समूह चार जुलाई को डोमिनिक गणराज्य के रास्ते हैती पहुंचा। उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।

    अमेरिका में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, ‘‘अमेरिका राष्ट्रपति की हत्या के बाद हैती के लोगों की मदद के लिए अमेरिका देश में अपने सहयोगियों एवं अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ संपर्क में है।” हैती के सैन्य मदद के अनुरोध पर बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साकी के पूर्व के बयान को दोहराते हुए कहा कि प्रशासन परिस्थिति के आकलन में मदद के लिए अधिकारियों को भेजेगा हालांकि इस वक्त सैन्य मदद उपलब्ध कराने की कोई योजना नहीं है। वर्ष 1915 में फ्रांस के दूतावास में शरण लिए हैती के तत्कालीन राष्ट्रपति विलब्रन गिलौम सैम की भीड़ के हाथों हत्या की घटना के बाद अमेरिका ने मदद के लिए सेना भेजी थी।

    हैती के अधिकारियों ने हैती मूल के अमेरिकी नागरिकों की पहचान जेम्स सोलागेस और जोसफ विंसेंट के रूप में की है। हैती के निर्वाचन अधिकारी माथियास पियरे ने बताया कि सबसे अधिक उम्र का संदिग्ध 55 साल का और सबसे कम उम्र का संदिग्ध सोलागेस 35 साल का है। सोलागेस ने खुद को एक ‘‘प्रमाणपत्र धारक कूटनीतिक एजेंट” बताया। उसने बच्चों की मदद और उभरते नेताओं की हिमायत के उद्देश्य से दक्षिण फ्लोरिडा में 2019 में परमार्थ कार्य के लिए एक वेबसाइट बनायी थी। वेबसाइट पर सोलागेस ने बताया है कि पूर्व में वह हैती में कनाडा दूतावास में अंगरक्षक के तौर पर काम कर चुका है।

    कनाडा के विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि हिरासत में लिए गये एक व्यक्ति ने ‘‘एक निजी अनुबंधक के जरिए कुछ समय के लिए उसके दूतावास में रिजर्व अंगरक्षक” के तौर पर काम किया था। वहीं, हैती में 2010 में आये भूकंप के बाद पुनर्वास में मदद के लिए अमेरिकी अभिनेता सीन के साथ राहत अभियान में काम कर चुके तीन लोगों ने नाम नहीं जाहिर करते हुए बताया कि सोलागेस हॉलीवुड अभिनेता सीन पेन के जेपी हैतियन रिलीफ ऑर्गेनाइजेशन के ड्राइवर के तौर पर और सुरक्षा कार्य में शामिल था जिसे अब कोर के नाम से जाना जाता है। हैती में 2010 में सात तीव्रता के भूकंप से भरी तबाही मची थी और तीन लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी।