RSS demands strict action against the culprits on the attacks on Hindus in Bangladesh, says the attacks are a well-planned conspiracy to evict minorities
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    ढाका. बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा (Bangladesh communal violence) जारी है। दुर्गा पूजा पंडालों (Durga Puja) में तोड़फोड़ के बाद रविवार को रंगपुर जिले (Rangpur District) में आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर 100 से अधिक लोगों की भीड़ ने हिंदुओं के लगभग 20 घरों में आग लगा दी, जबकि 66 अन्य में तोड़फोड़ की गई। ये घटना पीरगंज के एक गांव रामनाथपुर यूनियन में माझीपारा के जेलपोली में घटी है।

    दरअसल गांव के एक हिंदू शख्स ने कथित रूप से फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया था जिसके बाद तनाव पैदा हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शख्स को सुरक्षा मुहैया कराई और घर को सुरक्षित कर लिया। लेकिन गुस्साई भीड़ ने इसी इलाके के हिन्दुओं के घरों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी।

    सहायक पुलिस अधीक्षक मोहम्मद कमरुज्जमां के अनुसार, यह घटना रविवार रात 10 बजे के बाद हुई। जहां दमकलकर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और अब तक 52 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    बांग्लादेश में पिछले हफ्ते कमिला में दुर्गा पूजा पंडाल में हमले के बाद से सांप्रदायिक तनाव देखा जा रहा है। देश के कमिला, चांदपुर, चट्टोग्राम, कॉक्स बाजार, बंदरबन, मौलवीबाजार, गाजीपुर, चपैनवाबगंज, फेनी और अन्य जिलों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। कामिला में पुलिस ने दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है।

    समाचार एजेंसी एएफपी ने पुलिस का हवाला देते हुए बताया कि हाल ही में दक्षिणी शहर बेगमगंज में 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने एक मंदिर पर हमला किया था, जिसमें दो हिंदू पुरुषों की मौत हो गई थी। यह घटना दुर्गा पूजा के अंतिम दिन की है।

    बता दें कि चांदपुर के हाजीगंज में दुर्गा पूजा स्थल पर लगभग 500 लोगों के हमले के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कम से कम चार लोग मारे गए। यहां सांप्रदायिक हिंसा के दौरान करीब 60 लोग घायल हो गए। इस दौरान बांग्लादेश के लगभग 80 स्थानों पर हमले किए गए। 

    पिछले हफ्ते बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सांप्रदायिक हिंसा को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि, “कमिला में हिंदू मंदिरों और दुर्गा पूजा स्थलों पर हमलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।”