(Image-Twitter)
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    नई दिल्ली: क्या आपको पता नहीं विश्व में कुछ चुनिंदा ऐसे देश है जहां गंभीर बीमारी की स्थिति में कोर्ट ने  सुसाइड करने का यानि ख़ुदका जीवन समाप्त करने का अधिकार दिया है, ऐसे में अब कोलंबिया (Columbia) देश से इससे जुड़ी और एक खबर सामने आयी है। दरअसल कोलंबिया की संवैधानिक अदालत ने बुधवार शाम एक बड़ा फैसला किया। इस फैसले के तहत कोलंबिया में गंभीर मेडिकल केस में चिकित्सकीय सहायता प्राप्त आत्महत्या (Euthanasia) का समर्थन किया है।  

    जी हां अगर इसे आसान शब्दों में कहें तो कोलंबिया ने असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों के लिए आत्महत्या में मेडिकल स्टाफ के सपोर्ट को वैध करार दिया है। मतलब कोलंबिया में अगर कोई बेहद गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो वो सुसाइड करने के लिए मेडिकल हेल्प ले सकता है। इस बारे में कोलंबिया के वकीलों ने बताया कि कोलंबिया अब इस नियम को लागू करने वाला लैटिन अमेरिका का पहला देश बन गया है। आइए बी जानते है इससे जुड़ी पूरी जानकारी.. 

    कोलंबिया में इस साल से इच्छा मृत्यु है वैध

    आपको बता दें कि कोलंबिया में साल 1997 से इच्छा मृत्यु कानूनी रूप से वैध है, और इतना ही नहीं बल्कि इस साल जनवरी में इसका इस्तेमाल पहली बार एक असाध्य बीमारी से पीड़ित व्यक्ति ने किया था, जहां गंभीर बीमारी के चलते उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। 

    जानें किसने दायर की थी अर्जी

    दरअसल जब कोई शख्स डॉक्टर से परामर्श करने के बाद अपने जीवन को समाप्त करने के लिए कदम उठाता है, तो उसे सहायता प्राप्त आत्महत्या की श्रेणी में रखते हैं। इस मुद्दे पर यह फैसला कोलंबियाई राइट-टु-डाई समूह DescLAB द्वारा मुकदमा दायर करने के बाद आया है। इस संस्था ने यह तर्क दिया है कि आत्महत्या में दूसरों की सहायता करने वालों को अपराधी बनाना लोगों के सम्मानजनक मृत्यु और चिकित्सा सहायता तक पहुंच के अधिकार का उल्लंघन करता है। 

    सम्मान से मरना, दुनिया का उन्नत देश 

    इस बारे में संस्था द्वारा कहा गया है कि गंभीर मामलों में मरीजों को भी आत्महत्या करने और इसके लिए डॉक्टर से सहायता प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त करनी चाहिए।  DescLAB के शोध निदेशक लुकास कोरिया ने एक वीडियो में कहा कि, “यह एक नया मैकेनिज्म है, जो इच्छामृत्यु के साथ  हमें एक मुफ्त, सुरक्षित और चिकित्सकीय सहायता प्राप्त मृत्यु तक पहुंचने की अनुमति देता है। सम्मान से मरने के मामले में यह हमारे देश के लिए दुनिया में सबसे उन्नत में से एक देश के रूप में खुद को साबित करने के लिए एक निर्णायक कदम है।”

     

    अभी ये  है स्थिति

    आपको बता दें कि अभी तक कोलंबिया में जो लोग बीमारी से पीड़ित लोगों को आत्महत्या करने में मदद करते हैं, उन्हें 16 से 36 महीने की जेल की सजा हो सकती है। DescLAB का कहना है कि, 2010 से लेकर पिछले साल अगस्त तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो ऐसे 127 मामलों की जांच हुई है। जहां आत्महत्या करने में मदद करने वाले को सजा सुनाई गई है। 

    मेडिकल हेल्प सुसाइड की इन देशों में भी है मंजूरी

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि दुनिया में सिर्फ क्लोबियन ही नहीं बल्कि कोलंबिया के अलावा स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, लक्जमबर्ग, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ राज्य भी चिकित्सकीय सहायता प्राप्त आत्महत्या की अनुमति देते हैं, अब इसमें कोलंबिया भी शामिल हो गया है।