प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

    फ्लाइट को लेकर आये दिन अजीबोगरीब घटनाओं के मामले सामने आते रहते है। ऐसा ही एक मामला ब्रिटेन से सामने आया है। जहां सरकार को एक यात्री को डिपोर्ट करने के लिए  17 मिलियन पाउंड यानी लगभग 1,72,14,29,197 रुपये खर्च  करने पड़े। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले  साल अक्टूबर महीने में 218 सीटों वाली एक विमान ने  1 यात्री और 14 स्टाफ से साथ उड़ान भरी जिसका खर्चा एक अरब रूपये ज्यादा आया। सरकार को ऑपरेशन एस्पार्टो के अंतर्गत सिर्फ एक यात्री को डिपोर्ट करने के लिए इतनी रकम खर्च करनी पड़ी।

    रिपोर्ट के मुताबिक तीन महीनो के आकड़ों के अनुसार देश से बाहर भेजने के लिए एक यात्री के पीछे सरकार को 13,354 पाउंड यानी की 13,52,233 रुपये खर्च करना पड़ा था। इस यात्रा का बजट 17.1 मिलियन पाउंड तक पहुंच गया था। जिन यात्रियों को उनके देश वापस भेजा गया। वह सब अपराधी थे। उन्हें सरकार ने जबरदस्ती उनके देश भेजा गया है।

    रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में ऐसे यात्रियों को उनके देश वापस डिपोर्ट करने के लिए 6 विमानों ने उड़ान भरी। इसमें सबसे बड़ी ट्रिप अल्बानिया की थी जहां 34 लोगों को डिपोर्ट किया गया।  इस विमान में 121 कर्मचारी सवार थे। वहीं सिर्फ तीन लोगों को फ्रांस और इटली डिपोर्ट करने के लिए 267 सीटों वाले जेट विमान का इस्तेमाल किया गया जिसका खर्च करोड़ों रुपये था।