जानें किन कारणों से मनाया जाता है विश्व कार मुक्त दिवस, क्या है इसकी पीछे की वजह और कब हुई शुरुआत

    आज हमारा पर्यावरण (Environment) बहुत दूषित हो चुका है। जिसके लिए सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए कई तरीके निकाल रही है। हर साल इस प्रदूषण को रोकने के लिए 22 सितंबर विश्व भर में कार मुक्त दिवस मनाया जाता है, तो आज 22 सितंबर को विश्व कार मुक्त दिवस (World Car Free Day) है। इस वर्ष 22 तारीख को 15वां चीन कार मुक्त दिवस भी है। इस विश्व कार मुक्त दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है। लोगों को वाहनों से होने वाले प्रदूषण के बारे में समझाना उन्हें जागरूक करना है।

    लोगों को पर्यावरण के संरक्षण के लिए साइकिल या पैदल चलने सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।  वाहनों से निकलने वाले धुएं से पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचता है यह बताना पर्यावरण की वकालत करना। आज देश में कई जगह बाढ़ और गेशियर का पिघलना यह सब ग्लोबल वामिर्ंग की वजह से हो रहा है और यह सब चीजें पर्यावरण के प्रदुषण बढ़ने के कारण हो रहा है। आज कई देश में बाढ़ से शहर डूबा है।

    पहाड़ की चट्टानें खिसकर रही है लोग मर रहे हैं। इन सभी का कारण ग्लोबल वामिर्ंग ही है। पर्यावरण के प्रदूषण बढ़ने से लोगों को इसका प्ररिणाम भी भुगतना पड़ रहा है। आज ग्लोबल वामिर्ंग एक अंतरराष्ट्रीय समस्या बन गई है। आज अधिक से अधिक देश और लोग पारिस्थितिकी पर्यावरण के विनाश, पर्यावरण के प्रदूषण और नियंत्रण के प्रति चिंतित हैं।

    चीन की अर्थव्यवस्था के विकास के साथ मोटर वाहनों की संख्या काफी बढ़ी है, जिसके कारण मोटर वाहनों से प्रदूषकों का उत्सर्जन होता है। इसलिए मोटर वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करना वायु प्रदूषण के नियंत्रण का मुख्य कार्य बन गया है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए चीन चीन ने हरित यात्रा की वकालत करने के लिए कई उपायों को अपनाया है।

    इन उपायों से रोका जा सकता है प्रदूषण 

    लोगों को शेयरिंग बाइक, टैक्सी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए कहा जा रहा है और लोगों ने इस उपाय को अपनाया है और इस उपाय को अपनाने से सुधार आया है। इन उपायों से न केवल लोगों की यात्रा करने के तरीके में बदलाव आया है, बल्कि यातायात भीड़ में सुधार हुआ है, मोटर वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन और वायु प्रदूषण कम भी हुआ है, जिससे हमारा वातावरण और बेहतर बन गया है।