जानें क्यों मनाया जाता है ‘विश्व राइनो दिवस’ और इसका इतिहास

     नई दिल्ली : हर साल पुरे विश्व भर में 22 सितंबर को ‘विश्व राइनो दिवस’ (World Rhino Day) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है। यह दिन गैंडों की सभी पांच मौजूदा प्रजातियों के रक्षण के लिए इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। आपको बता दें कि यह विशेष दिन राइनो से-संबंधित संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों, चिड़ियाघरों और इसके सदस्यों को अपने स्वयं के अनूठे तरीकों से राइनो को मनाने का अवसर प्रदान करता है। 

    ‘विश्व राइनो दिवस’ का इतिहास 

    आपको बता दें कि ‘विश्व राइनो दिवस’ की घोषणा पहली बार 2010 में हुई थी। विश्व वन्यजीव कोष-दक्षिण अफ्रीका (World Wildlife Fund-South Africa) द्वारा इसकी घोषणा की गई थी। इसके बाद 2011 से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। यह दिन खासकर अफ़्रीकी और एशियाई दोनों को दोनों राइनो प्रजातियों को शामिल करता है। पूरी दुनिया में गैंडे की प्रजातियां है और गैंडे की दुर्दशा हो रही है इस वजह गैंडो की प्रजातियों को बचने के लिए इनके संरक्षण के लिए यह दिन मनाया जाता है।  

    विश्व भर में गैंडों की पांच प्रजातियां है

    1. जावन गैंडों (गैंडा सोंडिकस)

    2. सुमाट्रन गैंडों (डाइसोरिनहिनस समेट्रेंसिस)

    3. काले गैंडों (डाइसोरोस बाइकोर्निस)

    4. वहाइट गैंडें (सेराटोथेरियम सिमम)

    5. एक सींग वाले गैंडों (गैंडा यूनिकॉर्निस)