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    वाशिंगटन: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने यहां अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन (Jake Sullivan)  के साथ मिलकर ‘इनीशिएटिव फॉर क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ (ICET) की पहली उच्च-स्तरीय बैठक की। NSA अजीत डोभाल और जेक सुलिवन ने औपचारिक रूप से क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज पर यूएस-इंडिया इनिशिएटिव लॉन्च किया। अमेरिका की उप रक्षा मंत्री डॉ. कैथलीन हिक्स ने यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात कर अमेरिका-भारत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी पर चर्चा की। 

     व्हाइट हाउस ने मंगलवार को डोभाल और सुलिवन के बीच आईसीईटी की पहली बैठक के समापन के बाद एक ‘फैक्ट शीट’ (तथ्यात्मक जानकारी) में कहा, ‘‘हम आपसी विश्वास और भरोसे पर आधारित एक मुक्त, सुलभ और सुरक्षित प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेगा।

     USA में भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि NSA अजीत डोभाल और जेक सुलिवन ने औपचारिक रूप से क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज पर यूएस-इंडिया इनिशिएटिव लॉन्च किया। NSA अजीत डोभाल और जेक सुलिवन की उपस्थिति में भारत के विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग और USA के नेशनल साइंस फाउंडेशन के बीच कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए गए।

    यूएस एनएसए जेक सुलिवन ने कहा कि अमेरिका-भारत रणनीतिक प्रौद्योगिकी और रक्षा साझेदारी में अगला मील का पत्थर शुरू करने के लिए व्हाइट हाउस में भारतीय एनएसए अजीत डोभाल का स्वागत करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। एक साथ, हम अपने लोगों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए काम करेंगे, और एक मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे। 

    मई 2022 में तोक्यो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच बैठक के बाद पहली बार एक संयुक्त बयान में आईसीईटी का उल्लेख किया गया था। इसका मकसद दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सामरिक प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना व विस्तारित करना है।