बम धमाके के आरोपी का पता बताने पर पुलिस ने रखा था 2 करोड़ का इनाम, फिर आरोपी की प्रेमिका ने किया ऐसा काम

    अमेरिका: अमेरिका (US) से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे जानकर हर कोई हैरान (Shocking News) है। दरअसल, अमेरिका के नैशविले में बीते साल क्रिसमस (Christmas) के मौके पर एक भयानक धमाका (2020 Nashville Bombing) हुआ था, जिसमें कई लोगों घायल हो गए थे। जिसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक इनामी राशि की भी घोषणा की थी। जिसके जानकर हमलावर की पूर्व प्रेमिका ने पुलिस को आरोपी की जानकारी दी। लेकिन, इनामी राशि नहीं मिलने पर अब प्रेमिका ने कोर्ट का दरवाज़ा खटकाया है। 

    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गर्लफ्रेंड का नाम पामेला पेरी है, जिसने शुक्रवार को डेविडसन काउंटी चांसरी कोर्ट में मामला दर्ज किया है। उनके मुताबिक वह हमलावर के रूप में एंटनी वॉर्नर की ‘पहचान करने के लिए एक बड़े जोखिम को उठाते हुए कानूनी एजेंसियों की मदद करने के लिए आगे आई थी।’ लेकिन, अब उन्हें इनामी  धनराशि नहीं दी जा रही है।   

    एबीसी न्यूज़ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी हमलावर वॉर्नर ने नैशविले (Nashville) में 25 दिसंबर को आत्मघाती हमला किया था, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे और कई इमारतें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थीं। धमाके के बाद ‘कैम्पिंग वर्ल्ड’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्कस लेमोनिस ने हमलावर की जानकारी देने वाले को दो लाख 50 हजार डॉलर, जबकि नैशविले कन्वेंशन एंड विजिटर्स कोर्प ने 34 हजार 500 डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया था।

    दरअसल, हुआ कुछ यूं कि महिला ने आरोपी का नाम तो बताया, लेकिन महिला का नाम इसलिए आगे नहीं बढ़ाया गया क्योंकी आरोपी पकड़ा ही नहीं गया था। वहीं मार्कस लेमोनिस के एक प्रवक्ता ने WTVF टीवी से बात करते हुए कहा कि, हमलावर के संबंध में ऐसी सूचना देने के लिए पुरस्कार की घोषणा की गई थी, जिससे उसे पकड़ने में मदद मिले। हालांकि इस मामले की पड़ताल बहुत से एजेंसियों ने की, लेकिन पुलिस आरोपी तक पहुचनहने में नाकाम रही। इसी वजह से महिला को इनाम देने की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं गया।

    नैशविले में हुए विस्फोट में आरोपी वॉर्नर की मौत हो गई थी। इसी वजह से वह कभी पकड़ा नहीं गया। वहीं इसी वजह महिला को इनाम नहीं दिया गया। जिसके बाद जब इनाम मिलने में देरी हुई तो महिला ने कानून का सहारा लेना ज़रूरी समझा। महिला ने करीब पौने तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी दो करोड़ रुपये से ज्यादा रकम कोर्ट से फौरन दिलाने की मांग की है।