taliban
Pic : Washington Examiner

    नयी दिल्ली. एक बड़ी है खौफनाक खबर के अनुसार तालिबान (Taliban) ने एक अफगान सैनिक (Afghani Soldier) का सिर कलम कर दिया, इतना ही नहीं इसके बाद सैनिक के कटे हुए सर को लेकर तालिबानी सैनिकों ने जश्न भी मनाया। दरअसल एक वीडियो में एक तालिबानी सैनिक कटे हुए सिर को बालों से पकड़े हुए अपने नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा की प्रशंसा करता दिख रहा है, जो अब बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। सूत्रों के अनुसार यह वीडियो प्राइवेट तालिबान चैट रूम में पोस्ट किया गया है । 

    वहीं एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 36 सेकंड का यह वीडियो एक हफ्ते पहले पोस्ट किया गया था । फिलहाल यह बिल्कुल भी साफ़ नहीं है कि  इसे कब बनाया गया था। हालाँकि 17 अगस्त को तालिबान नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों के लिए माफी और महिलाओं की सुरक्षा का वादा किया था ।

    व्यक्ति का काटा सिर लेकर हो रहा जश्न 

    अगर देकेहें तो इस वीडियो में, 6 तालिबान लड़ाके एक सैनिक को घेरे हुए हैं, जो रेगिस्तान में पीठ के बल लेटा हुआ है और सिर को छाती से ऊपर उठाए हुआ है। पांच लोगों के पास राइफल हैं और छठे के पास एक हाथ में खून सने दो चाकू हैं । इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सातवां व्यक्ति इस घटना को फिल्मा रहा है । यह भी साफ़ दिख रहा है कि मरने वाला सैनिक अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रीय सेना को सौंपे गई गहरे हरे रंग की वर्दी पहने हुआ है ।

    अल्लाह है महान का लगा नारा

    इसके बाद चाकू से हमला करने वाले समूह का नेता अपना हथियार हवा में उठाता हुआ दिखाई देता है। वहीं एक अमेरिकी सैन्य स्रोत द्वारा वाशिंगटन एक्जामिनर को उपलब्ध कराए गए पश्तो के एक अनुवाद में, पुरुषों को मुजाहिद्दीन!कहते हुए सुना जाता है। इसके बाद वे सब तालिबानी सैनिक चिल्लाते हैं कि अल्लाह महान है, अमीर उल मोमिनीन मुल्ला हयबत उल्लाह अखुनजादा को एक लंबी उम्र दे!

    बता दें कि मुजाहिद्दीन, गुरिल्ला लड़ाकों के लिए एक अरबी शब्द है और अमीर उल मोमीनेन प्रेम का एक मुहावरा है। यह भी पता हो कि मुल्ला हयबत उल्लाह अखुनजादा फिलहाल तालिबान का सर्वोच्च नेता है ।

    इसके बाद वीडियो के अंत में इस समूह का नेता चिल्लाता है, उसे गोली मारो! उसे मुझे गोली मारकर देखना है!” इस घटना पर अफगान सुरक्षा सलाहकार नासिर वॉन वजीरी ने कहा यह बर्बर है, और मैं तालिबान पर अब कभी भरोसा नहीं करूंगा, एक आतंकवादी हमेशा आतंकवादी ही होता है।”