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    ढाका. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह भारत और बांग्लादेश के बीच ‘प्रगाढ़ दोस्ती’ के स्तर को और भी बढ़ाने का समय है। उन्होंने कहा कि भारत द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण लाभ को साकार करने में बांग्लादेश की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के जन्म शताब्दी वर्ष और विजय दिवस के उपलक्ष्य में संसद में आयोजित एक कार्यक्रम में कोविंद ने कहा, ‘‘इतिहास हमेशा हमारी दोस्ती की इस अनूठी बुनियाद का गवाह रहेगा, जिसने बांग्लादेश को आजाद कराया।”

    इससे पहले राष्ट्रपति कोविंद ने विजय दिवस परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा बांग्लादेश के साथ अपनी दोस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी दोस्ती की पूरी क्षमता को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास करने को लेकर प्रतिबद्ध है।”

    हाल के वर्षों में, दोनों पड़ोसियों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग, लोगों के आपसी संपर्कों, छात्रों के आदान-प्रदान और विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ाव का विस्तार हुआ है। कोविंद ने कहा, ‘‘ये पारस्परिक सम्मान, संप्रभु समानता और हमारे संबंधित दीर्घकालिक हितों के आधार पर एक स्थायी, गहरी दोस्ती की गारंटी हैं।”

    पाकिस्तान से बांग्लादेश की स्वतंत्रता के स्वर्ण जयंती समारोह के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश के संबंध के 50 साल होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अगर ‘‘हमारी साझेदारी के पहले 50 साल असाधारण चुनौतियों से पार पाने के साथ शुरू हुए, जिसने हमारे लोगों के बीच प्रगाढ दोस्ती का निर्माण किया, तो अब इसका स्तर और भी बढ़ाने का समय आ गया है।”

    कोविंद ने कहा कि इसे प्राप्त करने के लिए दोनों देशों को व्यवसायों, अकादमिक और विशेष रूप से युवाओं को संयुक्त रूप से विचारों, रचनात्मकता, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी की दुनिया में विश्व स्तर पर अग्रणी पहल करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे नवोन्मेषकर्ताओं को हमारी साझा विकास चुनौतियों का समाधान करने के लिए स्थानीय रूप से उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के आधार पर नए समाधान खोजने का आग्रह किया जाना चाहिए।” (एजेंसी)