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    नयी दिल्ली. कोरोना महामारी के संकट के बीच अब चीन में बिजली और ब्रिटेन में पेट्रोल की भारी कमी से हड़कंप मचा है। इससे वहां बिजली संकट होने से आम लोगों के साथ-साथ कई बड़ी कंपनियों के काम पर भी असर पड़ा है। इसके साथ ही अब  ब्रिटेन में पेट्रोल पंपों के बाहर भारी भीड़ उमड़ रही है। कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया है। वहीँ चीन के उत्तर-पूर्व इलाकों में बिजली का भारी संकट से जूझ रही है। यहां घरों में लोग अंधेरे में रह रहे हैं। जबकि कई फैक्ट्रियों में काम बंद है। कई मॉल व दुकानें भी बंद हो चुकी हैं। हालांकि कुछ दुकानें मोमबत्ती की रोशनी में आभ भी संचालित हो रही हैं।

    चीन : फैक्ट्रियां बंद, जल रही दुकानों पर मोमबत्ती 

    दरअसल चीन में अब बीते हफ्ते से ही पीक आवर्स के दौरान कटौती की जा रही है। ऐसे में  चांगचुन, झेझियांग जैसे कई इलाकों में सरकार ने बिजली काटने की घोषणा कर दी है। इधर बिजली संकट से चीन की कंपनियों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एप्पल और टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियों के बिजनेस पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। दरअसल इन कंपनियों के कुछ सप्लायर्स को बिजली की कमी के चलते अपने कुछ प्लांट पर तयशुदा काम रोकना पड़ा है।

    वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी

    कोरोना महामारी से वैसे ही बेहाल उद्योग क्षेत्र के लिए अब चीन के बिजली संकट ने एक और जोखिम पैदा कर दिया है। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रभावित होने की संभावना है। वहीं बिजली संकट के चलते यहां एप्पल, टेस्ला जैसी कंपनियों में भी काम बंद है। ऐसे में दुनिया भर में इसका बड़ा असर पड़ने के आसार हैं। क्रिसमस से पहले स्मार्टफोन और उपकरणों सहित सामानों की कमी हो सकती है। इसके अलावा अब वैश्विक बाजार में कपड़ों, खिलौनों व मशीनों के पुर्जों की सप्लाई पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।

    ब्रिटेन: ईंधन आपूर्ति सुधारने के लिए सेना की मदद 

    वहीं अब दूसरी तरफ ब्रिटेन सरकार ने ट्रक चालकों की कमी के कारण ईंधन आपूर्ति में हुई कमी को सुधारने के लिए सेना की मदद लेने का फैसला किया है। जहाँ एक तरफ ब्रिटेन में ईंधन की कमी की आशंका के बीच पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें लग गईं। इधर ब्रिटेन की सरकार सरकार ने ब्रिटेन की सेना के चालकों को तैयार रखा है। ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें ईंधन की आपूर्ति करने के लिए तैनात किया जा सके। इस बीच, शुक्रवार से ही ब्रिटेन के आसपास कई गैस स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे व्यस्त सड़कों पर जाम लग गया है।

    पेट्रोल के लिए मारपीट वहीं 

    बताया जा रहा है कि यहाँ पेट्रोल के लिए 8-10 लोगों में हाथापाई शुरू हो गई और लातों, घूसों से मार पिटाई हुई। वहीं साउथ वेल्स के माइस्टेग में ऑयल 4 वेल्स के डायरेक्टर कॉलिन ऑवेन्स का कहना है कि उनके गैराज में आमतौर पर रोजाना 20 से 30 हजार लीटर ईंधन बेचा जाता है। लेकिन बीते 24 घंटों में 1 लाख लीटर तेल बिक चुका है।

    दो तिहाई पंपों में नहीं ईंधन, सरकार कह रही कुछ और 

    ख़बरों के मुताबिक करीब 5,500 स्वतंत्र पेट्रोल पंपों का प्रतिनिधित्व करने वाले पेट्रोल रिटेलर्स एसोसिएशन ने रविवार को कहा कि करीब दो तिहाई स्टेशनों पर ईंधन नहीं है। तो वहीं कारोबारी मामलों के मंत्री क्वासी क्वार्टेंग ने बताया कि ब्रिटेन के पास बड़ी मात्रा में ईंधन है। उन्होंने कहा कि हालांकि हम पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति श्रृंखला में आ रही परेशानी से अवगत हैं और प्राथमिकता के साथ इससे निपटने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसके साथ ही शेल, एक्सॉनमोबिल और ग्रीनर्जी जैसी तेल कंपनियां यह कह चुकी हैं कि देश में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। उनके मुताबिक तेल की सप्लाई का दबाव अस्थाई तौर पर ग्राहकों की मांग में बढ़ोतरी के कारण देखा जा रहा है न कि देश में तेल की कमी के कारण।

    ट्रक ड्राइवरों की कमी से बढ़ा संकट

    वहीँ कहा जा रहा है कि ब्रिटेन में ट्रक ड्राइवरों की कमी के चलते ईंधन आपूर्ति का संकट पैदा हुआ है। ये अनुमान है कि ब्रिटेन में एक लाख से अधिक ट्रक ड्राइवरों की कमी है। इसके कारण हालिया महीनों में बहुत से उद्योगों को मुश्किलों का सामना कर रहीं हैं  इनमें सुपरमार्केट्स से लेकर फास्ट फूड चेन्स शामिल हैं। पूरे यूरोप में हेवी गुड्स व्हीकल (एचजीवी) ड्राइवरों की भारी कमी है। इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित ब्रिटेन हुआ है। वहीं बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी के कारण भी कई ड्राइवर अपने घर लौटे हैं और उनमें से कुछ ही फिर वापस काम पर गए हैं।