Oxygen Beds
प्रतीकात्मक तस्वीर

  • आयसीयू 14, आक्सीजन 138 तो नार्मल बेड 1344 शेष
  • जिला प्रशासन की ओर से 280 बेड का अतिरिक्त नियोजन

यवतमाल. जिला कोरोनाबाधित मरीजों के उपचार के लिए जिला प्रशासन ने प्राथमीकता दी होकर स्वस्थ होने का प्रमाण भी बढ़ रहा है. वर्तमान में जिला के वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, चार डेडिकेटेट कोव्हीड हेल्थ सेंटर ( डीसीएचसी), 24 निजी कोविड अस्पताल और 33 कोविड केअर सेंटर द्वारा मरीजोपर उपचार शुरू है. बेड के उपलब्धता से जिला प्रशासन दक्ष होकर अद्यापही जिले के विभिन्न कोविड अस्पताल में 1496 बेड उपलब्ध हैं. विशेष रूप से पालकमंत्री संदीपान भुमरे और जिलाधिकारी अमोल येडगे इन्होंने अतिरिक्त 280 बेड का नियोजन किया है.

शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय का लोड कम करने और जिले के संपूर्ण भाग में उपचार की सुविधा निर्माण करने इस उद्देश्य से जिले में 33 कोविड केअर सेंटर, साथ ही पुसद, पांढरकवड़ा, दारव्हा और यवतमाल के आयुर्वेदिक कॉलेज यैसे कुल चार डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर, 24 निजी कोविड अस्पताल के माध्यम से मरीजो पर उपचार कीया जाता है. इसमें शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के संपूर्ण 577 (आयसीयु बेड- 80,ऑक्सीजन बेड 410 और नार्मल बेड- 87) बेड मरीजों के उपयोग में है.

तो जिले के 24 निजी कोविड अस्पताल में कुल 206 आयसीयू बेड रह कर इसमें सें 192 बेड पर मरीज भर्ती हैं. तो 14 आयसीयू बेड शेष है. इसमें वणी के लोहीया अस्पताल 3 आयसीयू बेड, दिग्रस के डा. संदीप दुधे अस्पताल में 3, वणी के सुगम अस्पताल में 2 और पुसद के आयकाॅन अस्पताल, वडते अस्पताल यवतमाल के संजीवनी अस्पताल, धनवे अस्पताल, तावडे अस्पताल और उमरखेड के निर्विघ्न अस्पताल, क्रिटीकेयर अस्पताल में प्रत्येक एक इस प्रकार 14 बेड की उपलब्धता है.

जिले के 24 निजी प्रतिष्ठित अस्पतालों के साथ-साथ पुसद, दारवा और यवतमाल के आयुर्वेदिक कॉलेजों में कुल 138 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं. इसमें निजी अस्पतालों में 111 और डीसीएचसी में 27 ऑक्सीजन बेड हैं. निजी अस्पताल में शेष ऑक्सीजन बेडों में वानी में लोढ़ा अस्पताल में 44 बेड, दिग्रस में डॉ. संदीप दुधे अस्पताल में 12, पुसद में आइकन अस्पताल में 22, वाणी में सुगम अस्पताल में 19, यवतमाल में क्रिटिकेयर अस्पताल में 7, नीरघ्न अस्पताल में 3 और उमरखेड में क्रिटिकेयर अस्पताल, यवतमाल में कोविड केयर अस्पताल में 2 और पुसद में चौवन में 2 अस्पताल हैं. और 2 चव्हाण में. बिस्तर छोड़ दिया गया है. डीसीएचसी में शेष 27 ऑक्सीजन बेडों में पुसद में 13, दारव्हा में 10 और आयुर्वेदिक कॉलेज, यवतमाल में 4 शामिल हैं.

जिले में सभी 33 सीसीसी (यवतमाल में 10, आर्णि, झरी, दिग्रस, नेर, महागाव, कलंब, वणी, दारव्हा में प्रत्येकी 2 सीसीसी, उमरखेड, रालेगाव, घाटंजी, मारेगाव, बाभुलगाव, पुसद, पांढरकवडा प्रत्येक में 1 सीसीसी), 24 कुल 1344 सामान्य बेड निजी कोविड अस्पताल और 4 डीसीएचसी में उपलब्ध हैं. इसमें सीसीसी में 1232 बेड, निजी कोविड अस्पताल में 66 और डीसीएचसी में 46 बेड शामिल हैं.

जिला प्रशासन ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100 ऑक्सीजन बेड और 10 वेंटिलेटर, महिला अस्पताल यवतमाल में 100 बेड, उमरखेड ग्रामीण अस्पताल में 30 ऑक्सीजन बेड और वानी ग्रामीण अस्पताल में 50 ऑक्सीजन बेड का डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है.