youth of the city came to the support of the government in the fight against Corona, doing sanitization
प्रतीकात्मक तस्वीर

    यवतमाल.कोरोना की दूसरी लहर ने जिले भर में 38 कोविड केयर सेंटर शुरू कर दिए थे. वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते 19 कोविड केयर सेंटर बंद कर दिए गए हैं,जबकि शेष 19 कोविड केयर सेंटर चालू हैं. परिणामस्वरूप, 267 ठेका कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया. इसी बीच बुधवार  23 जून को गुस्साए कर्मचारियों ने जिला परिषद पर दस्तक दि.

    कोविड-19 का पहला मरीज मिलने के बाद जिले में उप जिला अस्पताल व ग्रामीण अस्पताल स्तर पर कोविड केयर सेंटर शुरू किया गया. ऐसा बाद में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण हुआ, लेकिन दिवाली के बाद मरीजों की संख्या में कमी आई और प्रशासन ने लगभग सभी कोविड केयर सेंटर बंद करने का फैसला किया. फरवरी के आखिरी हफ्ते में फिर से कोरोना फैल गया. पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी. इससे बेड मिलना भी मुश्किल हो गया.

    जिला कलेक्टर ने बंद पड़े कोविड केयर सेंटर को फिर से खोलने का निर्णय लिया था. तदनुसार, जिले के 16 तहसील के साथ यवतमाल शहर में 39 कोविड केयर सेंटर चल रहे थे. 19 कोविड केयर सेंटर बंद

    नगरपालिका टीमों का नियमित दौरा 

    फिलहाल ब्रेक द चेन के तहत शहर के सभी प्रतिष्ठान पूरी तरह से खुले हैं. रोजाना भीड़ भी भारी होती जा रही है. हालांकि प्रशासन अभी भी तीसरी लहर की आशंका को लेकर चिंतित है. ऐसे में नगर पालिका की टीम की ओर से आस्थापना का नियमित दौरा शुरू कर दिया गया है. दुकान पर उपस्थित लोगों से जांच के संबंध में पूछताछ की जा रही है. जिन लोगों को जाच नहीं कि गई है, उन्हें जाच करने की सलाह दी जा रही है.

    239 कर्मचारी कार्यरत

    जिले के कोविड केयर सेंटर में डॉक्टर नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत करीब 606 कर्मचारी कार्यरत थे. हालांकि अब कोविड केयर सेंटर बंद होने से 267 कर्मचारियों की छंटनी की गई है. वर्तमान में कुल 239 कर्मचारी कार्यरत हैं.

    मोबाइल टीम भी बंद

    शहर में कोरोना पीड़ितों की संख्या में कमाल की वृद्धि हुई थी. उपाययोजना बनाने के लिए जिला सर्जनों के साथ जिला स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से चौक चौक में एक मोबाइल टीम जुटाई गई. अब,  मोबाइल टीम को भी बंद कर दिया गया है. 267 कर्मचारियों पर  रोजगारी कि आच आयी है.