प्रतिबंधित कीटनाशक की धड़ल्ले से बिक्री

वणी. तहसील में संतोषजनक बारिश होने के बाद फसल खिल उठी है. लेकिन फसल बिमारी से बाधित ना हो इसलिए किसान विविध किटनाशकों का इस्तेमाल कर रहे है. तेलंगणा के कुछ लोग किसानों के मथ्थे प्रतिबंधीत किटनाशक मार रहे है. यह बात कुछ दिनों पहले उजागर हुई थी. तहसील में 64 हजार हेक्टेयर पर खरीप की बुआई हुई. इसमें  कपास की बुआई 45 हजार 500 हेक्टेयर पर की गई. तो सोयाबीन जैसी नगद फसल की बुआई 8 हजार 848 हेक्टेयर पर की गई है. साथही अन्य फसल भी तसहील के किसानों ने अपने खेतों में की है.     

प्रतिबंधीत बीज तथा खाद एवं दवाईयों का इस्तेमाल हो रहा है. इसके लिए कई कृषि केंद्र चालक तथा उनके एजंट ग्रामीण क्षेत्र में घुमते है. 21 जुलाई को तहसील के वरझडी में तेलंगणा के दो लोग अनधीकृतरूप से किटनाशक बचने की बात कृषि विभाग के अधिकारीयों को पता चली थी. तब पुलिस कार्रवाई की गई. लेकिन इसके बाद  उनकी श्रृखंला खंडीत हुई या नही इसकी जानकारी कृषि विभाग को  नही है. आज भी यहा खुलेआम प्रतिबंधीत किटनाशक बिक्री होने की जानकारी है. तेलंगणा के  तीन आरोपी को हिरासत में लिया तो एक कांग्रेसी युवा नेता उन्हे बचा लेता है, यह सभी को पता है. लेकिन  कृषि विभाग ने अपनी यंत्रणा लॉकडाउन  की क्या ऐसा सवाल निर्माण हुआ है. गत कुछ दिनों में दुसरी कार्रवाई  नही होने से लोगो में संभ्रम निर्माण हुआ है.