विदर्भ-मराठवाडा को जोड़ने वाला पैनगंगा नदी पर जानचंदे से साकार पुल

उमरखेड. विदर्भ-मराठवाडे को जोडनेवाला पलसी से मनुला दोरान पैनगंगा नदी पर जनचंदे व जनसहयोग से 15 लाख रुपए लागत लगाकर पुलिया का निर्माण जिप सदस्य चितांगराव कदम की संकल्पना से साकार किया गया. केवल 7 दिनों में यह पुल बनाया गया है. इसके लिए मराठवाडा-विदर्भ के गांवों के नागरिकों ने बहूमूल्य सहयोग किया है.

जबकि किसी भी विकास कार्य के लिए सरकार से आसानी से राशी  प्राप्त करना मुश्किल है. जि.प.सदस्यों ने विकास काम के लिए लोगों के साथ मिलकर जनआंदोलन से गांव के नागरिकों को साथ में लेकर मराठा- विदर्भ को जोड़ने वाला पलशी को मनुला पुलिया के निर्माण के लिए जनसहयोग से करने की संकल्पना को प्रत्यक्ष में साकार भी किया. इससे पहले चितांगराव कदम ने तिवरंग से तलणी, दिवटपींप्री से साप्ती, कालेश्वर से बिटरगांव आदि स्थलों जनचंदा इकट्ठा कर और जनसहयोग से सरकार के अनुदान के बिना जनसहयोग से यह करके दिखाया है. यह संकल्प दिवाली के पर्व पर पलशी से मनुला स्थल पर जनसहयोग से पुलिया का निर्माण करने का संकल्प लिया गया था. और मराठवाडा विदर्भ के परिसर के गांवों से 20 नवंबर से पैनगंगा परिसर में सप्ताह का भी आयोजित किया गया था.

इस क्षेत्र के मनुला, शिरड, पलशी, पेवा, माटाला, निवघा इस गांव से ट्रैक्टर नि:शुल्क ट्रैक्टर देने की ग्रामस्थानों अपनी तैयारी दर्शाई, लगभग 15 लाख रुपए जनचंदा इकट्ठा भी किया गया, जिससे सिमेंट कांक्रीट बिछाकर पक्की पुलिया का निर्माण किया गया. इस कार्य में जि.प.सदस्य डब्ल्यू सदस्य चितांगराव कदम, सुभाषराव जाधव, डा. वसंतराव खंदारे, सुदर्शन जाधव, गजानन पाटिल, दिगंबर जामगड़े, विश्वास जाधव, गजानन सोलंके,विश्वम्भर कदम, श्याम कल्याणकर, दीपक बोरकर, प्रेमानंद कदम, व्यंकटराव कदम, श्यामराव कदम, शिवाजी महाराज साप्तीकर आदि समेत बडी संख्या में नागरिक शामिल हुए थे.