‘एक हजार’ परिवारों को पत्र लिखकर साइकिल चलाने का आवाहन

  • जिलाधिकारी एम. डी. सिंह को प्रथम पत्र देकर की शुरुआत

आर्णी. वह पिछले तीन वर्षों से आर्णी में साइकिल चला रहा हैं और दूसरे को आश्वस्त कर रहा हैं. साइकिल चलाने का महत्व हरिओम हरिओमसिंह बघेल यह कृति से समझाकर बता रहें है. तीन पहले, आर्णी शहर में छह दोस्त एकजूट होकर नियमित रूप से साइकिल चलाना शुरू किया. शुरुआती दिनों में इसकी कई लोगों ने आलोचना की थी, लेकिन आज आर्णी शहर में साइकिलिंग बढ रही है.  इसमें हर वर्ग के लोग साइकिल चला रहे हैं. आज आर्णी साइकिलिंग क्लब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है.

कई लोगों को नियमित रूप से साइकिल चलाने से बहुत फायदा हुआ है, कोरोना के संकट में कईयों ने साइकिल चलाने का प्रचलन शुरू किया है. साइकिल चलाना एक सरल, आसान, व्यायाम प्रकार है. अब बहुतों को इसका महत्व समझ रहा है.

साइकिल चालकों की संख्या बढनी चाहिए, निरंतरता के महत्व को आम जनता को समझना चाहिए, परिवार में इसकी चर्चा होनी चाहिए, ताकि स्वस्थ और फिट रहने में मदद मिले. पर्यावरण प्रदूषण कम होगा  और यहां तक ​​कि अगर परिवार के सदस्यों में से एक साइकिल की सवारी करता है, तो पत्र पढ़ने का उद्देश्य सफल होगा. इसकी शुरुआत शुक्रवार को यवतमाल के जिलाधिकारी एम. देवेंदर सिंह को एक पत्र सौंपकर की. इसी हेतू से आर्णी साइकिलिंग क्लब के साइकलिस्ट हरिओमसिंह बघेल ने एक हजार परिवारों को पत्र भेजने की संकल्पना को सामने रखकर साइकिल चलाने का आवाह‍्न करने का तय किया है.