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  • मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी' एक जनआंदोलन-पालकमंत्री, अबतक 43 फीसदी परिवारों का सर्वे

यवतमाल. कोरोना वायरस का प्रकोप दिन ब दिन बढता ही जा रहा है और दुनिया एक और लहर का सामना कर रही है. इसलिए, सरकार ने कोरोनाबाधितों की संख्या व मृत्यु दर कम करने के लिए तथा प्रत्येक परिवार की स्वास्थ्य की स्थिति को जानने के लिए ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान शुरू किया है.

इस सिलसिले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वीसी के माध्यम से यवतमाल जिले की समीक्षा की. मुंबई से वीसी द्वारा मुख्यमंत्री ने यवतमाल के जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित पालकमंत्री संजय राठोड, जिलाधिकारी एम. देवेंद्र सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. श्रीकृष्ण पांचाल, जिला पुलिस अधिक्षक डा. दिलीप भुजबल व अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की. इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान लोगों को जागरुक करने के लिए किया गया है, क्योंकि कोरोना बढ रहा है. हम लगातार हाथा धेने, मास्क पहनने, सामाजिक मानदंडों का पालन करने की मूल बातों का पालन करके स्वस्थ रह सकते हैं और कोरोना से बच सकते हैं. उपचार से अधिक शुरुवात से उचित देखभाल लेना, कभी भी अच्छा है.

स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस तरह की पहल को लागू करने वाला महाराष्ट्र देश का एकमात्र राज्य है. इसके माध्यम से राज्य का एक स्वास्थ्य मानचित्र तैयार किया जाएगा. इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य साक्षरता हमेशा कोरोना और अन्य बीमारियों के संदर्भ में उपयोगी होगी. हर कोई इस अभियान की गंभीरता को जानता है और हर परिवार इसमें एक सैनिक है. ‘मैं सुरक्षित तो मेरा परिवार सुरक्षित है’ यह भावना सभी को रखनी है. कोरोना वायरस पर कब टीका आएगी, इस बारे में ज्ञात नहीं, लेकिन फिलहाल ‘मास्क’ पर्याय यह महत्वपूर्ण टीका है. मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इस अभियान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है.

‘मेरा परिवार-मेरी जिम्मेदारी’ एक जनआंदोलन-पालकमंत्री, नागरिकों के बीच स्वास्थ्य जागरुकता पैदा करने और कोरोना के प्रकोप को कम करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की संकल्पना के तहत अभियान चलाया जा रहा है. इस माध्यम से न केवल कोरोना बल्कि अन्य बीमारियों का डाटा भी जिला और राज्य स्तर पर एकत्रित किया जा रहा है. पालकमंत्री संजय राठोड ने कहा कि, हर कोई इस अभियान में योगदान दे रहा है और ‘मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी’ यह एक जनआंदोलन होनेवाला है. साथ ही पूरे जिला प्रशासन ने अभियान की सफलता के लिए बहुत अच्छी योजना बनाई है.

जिला प्रशासन अच्छे प्रयास कर रहा है और नागरिकों को भी सर्वेक्षण के लिए घर आई टीम के साथ सहयोग करना चाहिए और इस अभियान को सफल बनाना चाहिए, ऐसा आवाह‍्न पालकमंत्री ने किया. ‘मेरा परिवार – मेरी जिम्मेदारी’ के बारे में जानकारी देते हुए, जिलाधिकारी एम. देवेंद्र सिंह ने कहा कि इस अभियान के तहत, जिले में कुल 6 लाख 56 हजार परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 4 लाख 89 हजार परिवार और शहरी क्षेत्रों में 1 लाख 76 हजार परिवार शामिल हैं. इसके लिए जिले में 2861 टीमें बनाई गई हैं. सर्वेक्षण शहरी क्षेत्रों में 310 टीमों और ग्रामीण क्षेत्रों में 2551 टीमों द्वारा किया जा रहा है. अभियान 15 सितंबर को जिले में शुरू किया गया था.

अब तक 2 लाख 77 हजार परिवारों का दौरा किया गया है और जिले में 43 प्रतिशत सर्वेक्षण कार्य किया गया है. जबकि 2175 लोगों ने घर की यात्रा के दौरान लक्षणों को पाया, को-मॉरबीड नागरिकों की संख्या 22154 है. इसमें 17492 ग्रामीण इलाकों में को-मॉरबीड क्षेत्र और शहरी क्षेत्रों में लगभग पांच हजार हैं. इनमें से 800 को चिकित्सा संस्थानों में भेजा गया है.

जिलाधिकारी ने कहा कि 1802 नागरिकों के नमूनों का परीक्षण किया गया और उनमें से 104 लोग पाजिटिव निकले है. इस वीसी कॉन्फरन्स में अतिरिक्त जिलाधिकारी सुनील महिंद्रीकर, निवासी उपजिलाधिकारी ललितकुमार व-हाडे, वैद्यकीय महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. मिलिंद कांबले, जिला शल्य चिकित्सक डा. तरंगतुषार वारे, प्र. जिला स्वास्थ्य अधिकारी पी.एस.चव्हाण, वैद्यकीय महाविद्यालय के मेडीसीन विभाग प्रमुख डा. बाबा येलके, डा. गिरीश जतकर, डा. सुरेंद्र भुयार, डा. विजय डोंबले, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चौधर, पालिका प्रशासन अधिकारी हर्षल गायकवाड आदि उपस्थित थे.