फसल कार्यों में तेजी, 15 दिनों के ब्रेक के बाद बारिश ने दी दस्तक

    पुसद. तहसील में मृग और रोहिणी नक्षत्रों की भारी बारिश हुई. नाले बहने लगे. इस वर्ष खरीफ फसलों के लिए अनुकूल मौसम और बारिश के कारण कपास, सोयाबीन, अरहर और अन्य फसलों को पौष्टिक वातावरण मिल रहा है. मजदूरी दरों में वृद्धि जारी रहने से किसान परेशान हैं. तहसील में मृग और रोहिणी नक्षत्रों की भारी बारिश हुई.

    नतीजतन छोटे-बड़े नाले बहने लगे हैं. कपास, सोयाबीन, अरहर आदि फसलें बोई गई हैं. सोयाबीन और कपास तहसील में व्यापक रूप से उगाए जाते हैं. इस क्षेत्र के किसानों ने अब खेती कार्य शुरू कर दिए है. किसानों ने बुआई के लिए धान की रोपाई शुरू कर दी है. कुछ किसान बैलों की मदद से पारंपरिक औजारों से और कुछ ट्रैक्टरों से मशागत कर रहे हैं. स्कूले बंद होने से छात्र भी अपने माता-पिता की खेती में मदद कर रहे हैं. विशेष रूप से तहसील के कुछ हिस्सों में, सोयाबीन उगाने में विफलता के कारण दोहरी बुआई का संकट पैदा हो गया है.

    किसानों ने ली राहत की सास

    पिछले 3 दिनों से तहसील में मध्यम बारिश हुई. इससे किसानों को थोड़ी राहत मिली. अब इंटरक्रॉपिंग में तेजी लाई है. खेत में का कार्य प्रगति पर है. हालांकि, किसान चिंतित हैं क्योंकि मजदूरी बढ़ाने के बाद भी उन्हें मजदूर मिलने मुश्किल हो गए है.

    मजदूरी बढ़ने से किसान चितिंत

    तालाबंदी के कारण किसानों को वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है. मजदूरी में वृद्धि जारी है. वित्तीय कठिनाइयों में हैं. आंतरिक जुताई का कार्य प्रगति पर है. किसानों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा. नतीजतन, किसान प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि खेती असंभव है. दूसरी ओर कृषि माल के लिए गारंटी मुल्यों की कमी से आर्थिक नुकसान हो रहा है.