Coronavirus
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  • संक्रमण से बेफिक्र न रहे नागरिक
  • जिलाधिकारी ने किया आह्वान

यवतमाल. जिले में कोरोनाबाधितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. गत चार दिनों में रोज पाजिटिव मरीजों की संख्या सौ के पार है. सरकारी नीति हम ‘अनलॉक’ प्रक्रिया में है, नागरिकों ने जिम्मेदारी से रहना अपेक्षित है. लेकिन नागरिक कोरोना संक्रमण को अब भी गंभीरता से नहीं ले रहे. स्वयं के लिए, परिवार के लिए बेफिक्र रहना छोड़ दे. यह आह्वान जिलाधिकारी एम.डी.सिंह ने किया. उन्होंने बताया कि 10 मार्च को जिले में सबसे पहला पाजिटिव मरीज पाया गया था. आज यह संख्या 1,865 पर गई है. इसमें से 1250 लोग ठीक होकर घर लौटे. इसमें 707 पुरुष और 543 महिला है.

जिले में 579 एक्टिव और पाजिटिव तथा अन्य जिलों के पांच लोग सहित कुल 584 एक्टीव पाजिटिव मरीज दाखिल है. ढाई माह में अर्थात 29 मई तक पहले 150 से 160 मरीजों में एक भी कोरोनाबाधित मरीजों की मौत नहीं हुई थी. जिले में अब तक सारी के 581 मरीज दाखिल हुए है. इसमें से 56 पाजिटिव आए है. सारी और कोरोना पाजिटिव 43 और केवल सारी के 42 लोग सहित कुल 85 की मौत हुई है. जिले में मृत्यु दर यह 2.68 फीसदी है. पाजिटिव मरीज की दर 7.7 फीसदी है. पाजिटिव दर 10 फीसदी से कम रहना चाहिए.

गंभीर नहीं नागरिक
उन्होंने जिले की कोरोना संबंधी जानकारी देने के लिए नियोजन भवन में आयोजित पत्र परिषद में कहा कि जिले में 3 पाजिटिव मरिजों से प्रारंभ हुई. आज यह आंकड़ा 1,865 पर पहुंचा. अब भी नागरिक गंभीर नहीं, यह बात चिंताजनक है. कई लोग बिना मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते पाए जाते है. सरकार उनसे जुर्माना वसुलती है, लेकिन कार्रवाई के बजाय नागरिक अपनी और अपने परिवार की  फिक्र करें, कोरोना में  प्रशासन द्वारा कुछ अलग करने की जरूरत नहीं, सभी सरकारी निर्देशनुसार ही होता है. 

होम आइसोलेशन की सुविधा
जिलाधिकारी ने  कहा कि जिले में ‘होम आइसोलेशन’ शुरू किया गया है. अब तक 44 लोगों को यह सुविधा दी गई. इस संबधी सरकार ने मार्गदर्शक सूचना जारी की है. लक्षण न होने पर भी पहले दो दिन कोविड केअर सेंटर में जांच की जाती है. होम आयसोलेशन जिन्हें चाहिए उनके यहां स्वतंत्र रूम, स्वतंत्र शौचालय की व्यवस्था जरूरी है. पल्स ऑक्सीमीटर उसने स्वयं खरीदकर स्वयं का एसपीओटू चेक करे और डाक्टर को अवगत कराए. साथ ही दूसरे जिले में इलाज की  सुविधा  दी जा रही है. निजी डाक्टरों ने सर्दी, खांसी के मरीज जांच संबंधी प्रशासन द्वारा कोई निर्बंध नही लगाए गए हैं. एंटीजन किट के लिए पालकमंत्री संजय राठोड ने 2 करोड़ रु. मंजूर किए है. इसमें जिले के लिए 32,500 किट खरीदी गई. और 30 हजार किट खरीदी करने को मंजूरी दी गई. 

 इस समय मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.श्रीकृष्ण पांचाल, पुलिस अधीक्षक एम. राजकुमार, अपर जिलाधिकारी सुनील महिंद्रीकर, निवासी उपजिलाधिकारी ललितकुमार व-हाडे, वैद्यकीय महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. आर.पी.सिंह, कोरोना नियंत्रण समन्वयक डा. मिलिंद कांबले, जिला शल्य चिकित्सक डा. तरंगतुषार वारे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. पी.एस.चव्हाण आदि उपस्थित थे.