Yavatmal DM Devendra Singh

यवतमाल. हालांकि जिले में बर्ड फ्लू का अभी तक निदान नहीं किया गया है. मृत पक्षियों के नमूने परीक्षण के लिए भोपाल भेजे गए हैं. केलापुर तहसील में, लिंगटी शिवारा में मृत पाए गए पक्षियों शवों का संक्रमण अन्य स्थानों पर नहीं फैलाना चाहिए, इसके लिए विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जिलाधिकारी एम. देवेंद्र सिंह ने दिए हैं.

जिलाधिकारी ने  बुधवार को देश और राज्य में पाए जाने वाले बर्ड फ्लू के प्रकोप की समीक्षा बैठक की. इस समय, जिला पुलिस अधीक्षक डा. दिलीप पाटिल भुजबल, आरडीसी ललितकुमार व-हाडे, सहायक आयुक्त पशुपालन डा. क्रांति काटोले, उपायुक्त डा. बी आर रामटेके, डा. नागापुरे, जिला पशुपालन अधिकारी आर. डब्ल्यू. खेरडे आदि उपस्थित थे.

उन्होंने कहा कि केलापुर तहसील में लिंगटी  परिसर में पक्षियों की मौत के कारण अन्य जगहों पर बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए, पशुपालन विभाग को स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. चिकन खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है. हालांकि, घर में लाया गया चिकन पूरी तरह से उबला हुआ होना चाहिए. सफाई के बाद हाथ भी साफ करें.

कहीं पर मृत पक्षी पाया जाता है तो, सीधे पक्षी को हाथ न लगाए. इस संदर्भ में  पशुपालन विभाग से तुरंत संपर्क किया जाना चाहिए. पशुपालन विभाग के उपायुक्त डॉ. रामटेके ने केलापुर तहसील में, लिंगटी इलाके में पोल्ट्री सेंटर में 286 संदिग्ध पक्षी, आर्णी तहसील में आठ मोर, दारव्हा तहसील में चार सुअर, घाटंजी इलाके में चार कौवे और यवतमाल में दो कौवे मरने की जानकारी दी.

10 किमी क्षेत्र में रोकथाम आदेश

केलापुर तहसील के लिंगटी क्षेत्र में पोल्ट्री सेंटर में पक्षियों की मौत के कारण जिले में अन्य जगहों पर अज्ञात बीमारी संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार  नहीं किया जा सकता है. इसलिए, एक एहतियाती उपाय के रूप में, लिंगटी गांव में पोल्ट्री घर से 10 किमी के दायरे में मुर्गी की खरीद, बिक्री, परिवहन, बाजार और  मेले के आयोजन पर जिलाधिकारी  सिंह ने प्रतिबंध लगा दिए हैं. लिंगटी गांव को भी अलर्ट ज़ोन घोषित कर दिया गया है और गाँव में यातायात को अगली सूचना तक प्रतिबंधित कर दिया गया है.