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यवतमाल. यवतमाल जिले में अन्य जिलों तथा प्रांतों से आए नागरिकों की कुल संख्या 83 हजार तक पहुंच गई हैं. इन सभी को संस्थात्मक तथा होम क्वारंटाइन किया गया था. इनमें से 74 हजार नागरिकों ने 14 दिन अवधि पूरी करने से उन्हें क्वारंटाइन मुक्त किया गया है और वर्तमान में जिले में आठ हजार लोग क्वारंटाइन हैं. यवतमाल में कोरोना संक्रमण दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है. इसका मुख्य कारण है कि अन्य जिलों तथा प्रदेशों से आ रहे नागरिक. जिसके चलते उन्हें क्वारंटाइन करना आवश्यक है. बाहर से आए लोगों की लापरवाही के चलते ही जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है. कोरोना से बचने के लिए बाहर से आए लोगों ने अपने परिवार तथा समाज को संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक है.

इसके साथ ही दिए गए नर्दिेशों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है, तभी हम कोरोना को मात दे सकते हैं. लॉकडाउन तथा अनलॉक-1 में जिले के बाहर से बड़ी संख्या में लोग यवतमाल जिले में आए हैं. स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक अब तक बाहर से आए लोगों की संख्या 83 हजार हैं. इन नागरिकों को उनके क्षेत्र के स्कूल, मंगल कार्यालय, सार्वजनिक हॉल, महावद्यिालय आदि विभन्नि स्थानों में क्वारंटाइन किया गया था.अगर कोई कोरोना पॉजीटिव हो तो उससे अन्य को संक्रमण न हो इस दृष्टि से बाहर से आए नागरिकों को क्वारंटाइन कक्ष में 14 दिन रखना आवश्यक है. इस कारण बाहर से आए नागरिकों में से 74 हजार 646 नागरिकों ने 14 दिनों का अवधि पूरा करने से उन्हें क्वारंटाइन मुक्त कर दिया है.

इस अवधि में उनमें कोई भी कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए, इसलिए उन्हें अनुमति दी गई. इसके बावजूद अगर किसी में कोरोना के कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत समीप के कोविड केअर सेंटर में जाकर जांच कराने के नर्दिेश दिए गए हैं.  बेवजह घर से नहीं निकलने की अपील बाहर से आए आठ हजार 363 नागरिकों का 14 दिनों का क्वारंटाइन अवधि समाप्त होना शेष है. जिसके चलते यह सभी क्वारंटाइन हैं. उनकी मियाद खत्म होते ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाएगी. लेकिन नागरिकों ने अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने के साथ बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की अपील स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई है.