अब भी चीनी मांजे से परहेज नहीं, पक्षियों व इंसानों की जान को बना है खतरा

वणी. चीन से कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ और सभी को घरों मे कैद होना पड़ा. लॉकडाउन में कुछ लोग अपने शौक को पूरा कर रहे हैं. बीते दो महीने से शहर के कुछ लोग पतंगबाजी में व्यस्त हैं. ऐसे में उन्हें चीनी मांजे से कोई परहेज नहीं है. वे उसका बेखौफ इस्तेमाल कर रहे हैं. मकर संक्रांति के मौके पर जितनी पतंगे उड़ती है उतनी कई गुना अधिक पतंगे इस समय शहर में उड़ रही है. पतंगे उड़ाने के लिए इस्तेमाल में लाए जा रहे चीनी मांजे के चलते लोग, पक्षियों की जान खतरे में है.

इससे पहले चीनी मांजे का इतना अधिक इस्तेमाल नहीं हुआ है जितना अभी हो रहा है. प्लास्टिक की डोर पर धातु, कांच के मिश्रण से तैयार किया जाने वाला चीनी मांजा धारदार हथियार से कम नहीं है. पतंगबाजी के दौरान जब ये मांजा किसी बाइक वाहन चालक से उलझता है तो गहरे जख्म देता है. कॉटन से बने धागे की तुलना में चीनी मांजा मजबूत और सस्ता होता है. अत: लोग इस मांजे को अधिक खरीदते है. इस मांजे पर लोहे का बुराद लगा होता है, जो यदि किसी बिजली के तार पर लग जाए तो करंट भी लग सकता है.

चोरी छुपे बिक रहा बाजार में

शहर के पतंग कारोबारियों का आरोप है कि कुछ लोग अभी भी चाइनीज मांजे को चोरी छिपे बेच रहे हैं. हालांकि, इस बार चाइनीज मांजा मार्केट में नहीं आया है. जिन कारोबारियों के पास पिछले साल का चाइनीज मांजा बच गया था, वो ही इसकी बिक्री कर रहे हैं.