Rain in Wardha

    • 280 : घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
    • 7,943 : हेक्टेयर फसल की हानि   
    • 120 : गांवों का भारी नुकसान

    यवतमाल. लंबे समय बाद आयी बारिश ने जिले में खासी तबाही मचायी है. बारिश से घरों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. दो दिनों तक हुई बारिश ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है. इससे करीब 120 गांवों को ज्यादा नुकसान हुआ है. लंबे अंतराल के बाद बारिश ने दस्तक दी किंतु मूसलाधार और तूफानी बारिश से पूरे जिले में अतिवृष्टि का फटका किसानों को सहना पड़ा है.एक ओर शुरुआत में बारिश होने के बाद गायब होने से किसानों को बारिश का इंतजार था, किंतु दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से तबाही मच गयी और सब किए कराए पर पानी फिर गया.

    बारिश का पानी घुसने से कई घर हुए क्षतिग्रस्त

    राजस्व विभाग के मुताबिक 9 तहसीलों के 18 मंडलों के 120 गांवों को बारिश का खासा नुकसान पहुंचा है. 7,943 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है. 280 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. राजस्व विभाग ने यंत्र सर्वेक्षण से नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर संभागीय आयुक्त को भेज दी है. जिले में 11 व 12 जुलाई को हुई भारी बारिश से कृषि फसलों समेत कुछ घरों को भारी नुकसान पहुंचा है.

    जिले के 9 तहसीलों में 18 राजस्व मंडलों में, 7,943 हेक्टेयर पर फसल खराब हो गई है. 11 जुलाई को बाभूलगांव तहसील के 7 गांव समेत कलंब तहसील के कोठा मंडल में 6, जोड़मोह मंडल के 6, दारव्हा तहसील के दारव्हा मंडल के 7, चिखली के 6, मांगकिन्ही के 6, बोरी के 7, लाडखेड के 6 और महागांव के ७ गांव कसबा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं. 

    मालखेड मंडल के 8 गांवों की 86 हेक्टेयर फसल तबाह

    दिग्रस तहसील में तिवरी 7, कलगांव में 6, आर्णी तहसील के आर्णी में 7, जवला में 7, लोनबेहल में 7 और अंजनखेड मंडल में 6 में नुकसान हुआ है. वणी तहसील के गणेशपुर मंडल के 6 गांवों में, झरी तहसील के शिबला मंडल में 5, केलापुर तहसील के पाटनबोरी मंडल में 7 और नेर तहसील के मालखेड मंडल में 8 गांवों के 120 गांव क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा है.

    नेर तहसील के मालखेड मंडल में भारी बारिश के कारण 8 गांवों में 86 हेक्टेयर कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा था. आपदा विभाग की ओर से आपदा रिपोर्ट संभागीय आयुक्त को भेजी गई है. जिलाधिकारी ने क्षति का सर्वे कर पंचनामा करने के निर्देश राजस्व व कृषि व पंचायत यंत्रणा को दिए थे. नुकसान का प्रारूप आपदा विभाग ने विभागीय आयुक्त की भेज दिया है.