Fire in Forest, Deori, Gondia
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  • 1 महीने में दूसरी बार हुई घटना

पांढरकवडा. पांढरकवड़ा घाटंजी इन 2 तहसीलों में विस्तारित टीपेश्वर अभयारण्य में आग लग गई. इस घटना में लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र की वनसंपदा जलकर खाक हो गई. अभ्यारण्य में एक महीने के भीतर आग लगने की दूसरी घटना है. अभ्यारण्य के कम्पार्टमेंट क्रमांक 114 ,115 क्षेत्र-30 इस जंगल क्षेत्र में आग लग गई. इस दावानल में लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में लगा बांस का घास, मूल्यवान वनसंपति और जीवजंतु जलकर खाक हो गए. साथ ही वन्यप्राणियों को इससे काफी नुकसान की जानकारी वनविभाग ने दी है. आग लगने के बाद इसे नियंत्रण में लाने वन अधिकारी तथा कर्मचारी की ओर से प्रयास किये गये.

1 महीने में यह दूसरी घटना 

उल्लेखनीय है कि 1 ही वर्ष में टीपेश्वर अभ्यारण्य में 5-6 आग लगने की घटना हुई, जबकि एक महीने के भीतर आग की दूसरी घटना है. सुसरी बीट में भयंकर आग लगी थी. इसे बुझाने के लिए वनविभाग के अधिकारी, वनकर्मियों को 2-3 दिनों का समय लगा था. इसमें लगभग 300 से 400 हेक्टेयर क्षेत्र की वनस्पति, बांस, घास और छोटे बड़े जीवजंतु नष्ट हो गये थे. सुसरी बीट की घटना को 10 दिन भी पूरे नहीं हुए थे की 1 अभ्यारण्य क्षेत्र के गणेरी, पिंपलशेंडा, दर्यापुर आदि इलाकों में आग की घटना हुई.

अधिकारी, कर्मियों की नजरअंदाजी और लापरवाह कामकाज के अलावा 1 माह में आग की दूसरी घटना क्षेत्र के वनपरिक्षे अधिकारी की गैरजिम्मेदारी और लापरवाही भरे कामकाज और विभाग के उचित नियंत्रण नहीं होने से आग लगने की घटनाएं हो रही हैं. आग की जांच कर अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग क्षेत्र में जोर पकड़ रही है.

सही कारणों का लगाया जाएगा पता : पुरानिक

इस संबंध में डीएफओ पुरानिक ने कहा कि गणेरी, पिंपलशेंडा,पिटापुंगरी में कुछ लोगों की ओर से जानबूझकर आग लगाने का संदेह है. बाहर के किसी व्यक्ति ने नहीं बल्कि गांव के कुछ नागरिकों ने आग लगाने का प्रयास करते हैं. इस बारे में जांच शुरू की गई है. आग लगानेवाले नागरिकों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी.